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बागपतचित्रकूट जेल में दोहरायी गई बजरंगी हत्याकांड की स्क्रिप्ट

हिन्दुस्तान टीम,बागपतPublished By: Newswrap
Sat, 15 May 2021 03:31 AM
चित्रकूट जेल में दोहरायी गई बजरंगी हत्याकांड की स्क्रिप्ट

शुक्रवार को जिस अंदाज में वेस्ट यूपी के कुख्यात मुकीम काला और मुख्तार अंसारी के शूटर मेराजुदीन की चित्रकूट जेल में गोलियां बरसाकर हत्या की गई उसने बागपत में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या की याद दिला दी है। जुलाई 2018 में बागपत जेल में भी इसी तरह मुन्ना बजरंगी को भी जेल में हीं बंद वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश सुनील राठी ने पिस्टल से गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया था। चित्रकूट और बागपत जेल की वारदात में फर्क सिर्फ इतना है कि चित्रकूट जेल में वारदात को अंजाम देने वाला बदमाश अंशुल दीक्षित मौके पर ही पुलिस मुठभेड़ में मारा गया जबकि बजरंगी हत्याकांड के आरोपी सुनील राठी पर हाथ डालने की जेल के सुरक्षाकर्मियों की हिम्मत तक नहीं हुई थी।

बजरंगी हत्याकांड को भी गैंगवार का नतीजा मानते हुए पूर्वाचंल के कई नेताओं पर भी उसकी हत्या कराने के आरोप लगे थे।

इस मामले में जहां जेलर यूपी सिंह की ओर से खेकड़ा थाने में सुनील राठी के खिलाफ नामजद मुकदमा कायम कराया गया था वहीं मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने भी अलग से तहरीर देकर कई बडे नेताओं को पति की हत्या का साजिशकर्ता बताया था। बजरंगी की पत्नी की इस तहरीर को भी जांच में शामिल कर लिया गया था। चित्रकूट की तरह बागपत जेल में भी पिस्टल कहां से आयी समेत जेल की सुरक्षा को लेकर अनेक सवाल उठे थे। बाद में इस मामले की सीबीआई जांच के लिये कोर्ट की शरण ली गई और अभी तक बजरंगी हत्याकांड की जांच चल रही है।

बागपत में मारा गया था मुकीम काला गिरोह का कुर्बान जंधेड़ी

वेस्ट यूपी में आतंक का पर्याय बने मुकीम काला के गिरोह की बागपत जनपद में कोई आपराधिक वारदात पुलिस रिकार्ड में दर्ज तो नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भी बागपत जनपद में मुकीम काला गिरोह के सदस्यों की आवाजाही जारी रहती थी। इनकी मौजूदगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रेम विवाह करने पर मुकीम काला गिरोह के 12 हजारी कुर्बान जंधेड़ी की छह अग्रस्त 2015 को बागपत शहर की माता कालोनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

हत्याकांड में मृतक के भाई गय्यूर ने बताया था कि उसके भाई कुर्बान को उनके गांव जधेड़ी निवासी दो सगे भाई साजिद और मुर्रसलीम उर्फ लाला घर से बुलाकर लाए थे।

दोनो आरोपियों ने अटेरना गांव के काला और बागपत निवासी महबूब के साथ मिलकर कुर्बान की हत्या की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी साजिद की पत्नी सायरा उर्फ जोया से कुर्बान का प्रेम विवाह हो गया था। इससे साजिद उससे रंजिश रखने लगा था। इसी कारण उसने कुर्बान के करीबी अटेरना गांव के काला के साथ मिलकर कुर्बान को मौत के घाट उतार दिया।

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