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वेद का पढ़ना, सुनना आर्यों का सबसे बड़ा धर्म

बड़ौत आर्य समाज द्वारा यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें आर्य जनों ने आहुति देकर समाज कल्याण की प्रार्थना की। विद्वानों ने वेद के पढ़ने व सुनने को सबसे...

वेद का पढ़ना, सुनना आर्यों का सबसे बड़ा धर्म
हिन्दुस्तान टीम,बागपतMon, 12 Feb 2024 12:20 AM
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बड़ौत।

बड़ौत आर्य समाज द्वारा यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें आर्य जनों ने आहुति देकर समाज कल्याण की प्रार्थना की। विद्वानों ने वेद के पढ़ने व सुनने को सबसे बड़ा धर्म बताया।

आर्य समाज द्वारा आयोजित यज्ञ में आर्य जनों ने आहुति देकर समाज कल्याण की प्रार्थना की। विद्वानों ने वेद के पढ़ने व सुनने को सबसे बड़ा धर्म बताया। आर्य समाज बड़ौत व आर्य समाज पट्टी चौधरान में आयोजित यज्ञों में डा. ओमवीर आर्य वेदों पर प्रकाश डाला। कहा कि आर्य समाज के तीसरे नियम के अनुसार वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढ़ना-पढ़ाना, सुनना-सुनाना आर्य का परम धर्म है। आर्य समाज बड़ौत द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म समरभानु आचार्य, यजमान जय देव आर्य रहे। पट्टी चौधरान कार्यालय यज्ञ के बह्मा ओमपाल शास्त्री, यजमान ओमप्रकाश रहे।

दोनों यज्ञों में प्रीतम सिंह आर्य, हरवीर सिंह, जसवीर मलिक, रामबली राणा, विवेक आर्य, वेदपाल आर्य, राजेन्द्र, रणतेज, तेजेन्द्र, डा. हरपाल सिंह, राजकुमार रुहेला, सचिन,राम मेहर,सविता,माया आदि रहे।

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