Bagpat News: ओवरहेड टैंक के निर्माण को नहीं मिल रही जमीन, 20 हजार लोग प्रभावित
Bagpat News: बड़ौत में अमृत योजना के अंतर्गत बनने वाले 6 ओवरहेड टैंक के लिए अभी तक जमीन चिन्हित नहीं की जा सकी है। इसके चलते नगर के तीन वार्डों की 20 हजार से अधिक की आबादी पानी की सप्लाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर हैं। निर्माण कार्य न शुरू होने से लोगों में नाराजगी है।

Bagpat News: बड़ौत। अमृत योजना के अंतर्गत बनने वाले ओवर हेड टैंक के लिए जमीन चिन्हित नहीं की जा सकी है। जिसके चलते नगर के तीन वार्डों की लगभग 20 हजार से अधिक की आबादी के लिए पानी रिजर्व करने की सुविधा नहीं हुई हैं। आजाद नगर, सूर्य नगर, सूर्य नगर सहित दर्जनों कालोनियों की पानी की आपूर्ति ट्यूबवेलों पर निर्भर है। वर्तमान समय में नगर की आबादी की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। जिनकी प्यास बुझाने के लिए पानी रिजर्व करने के फरवरी 2024 में शुरू हुई अमृत योजना के अंतर्गत 6 ओवरहेड टैंक बनना सुनिश्चित हुआ था। जिनमें से पांच ओवरहेड टैंक निर्माणाधीन है। लेकिन रेलवे लाइन के पार बनने वाले ओवरहेड टैंक का निर्माण अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। क्योंकि इसके निर्माण के लिए जमीन चिन्हित नहीं की जा सकी। इस क्षेत्र में वार्ड नंबर 3,13, 18 के अंतर्गत लगभग 20 हजार से अधिक की संख्या में आबादी निवास करती है। जिनके पानी की सप्लाई केवल ट्यूबवेलों पर निर्भर है। कई बार ट्यूबवेल खराब हो जाने के कारण पानी की सप्लाई बाधित हो जाती है, और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के लोग व जनप्रतिनिधि लगातार इसके निर्माण की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। जिसके चलते लोगों में नाराजगी बनी हुई है। लगभग ढाई साल पहले शुरू हुई अमृत योजना के बावजूद भी ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए जमीन चिन्हित नहीं हो पाना कई सवाल खड़ी कर रहा है। तीनों वार्डों के अंतर्गत आने वाली कालोनियों में आजाद नगर, शिव विहार, वसंत विहार, शारदा विहार, सैनी एनक्लेव, सकेत, न्यू रामनगर, सूर्य नगर आदि हैं.
अमृत योजना के अंतर्गत बनने वाले ओवरहेड टैंक के स्थान।
1.शमशान घाट परिसर बडोली रोड।
2.शमशान घाट परिसर बावली रोड।
3.आवास विकास कॉलोनी।
4.जनता वैदिक कॉलेज परिसर।
5.नगर पालिका परिसर।
6. जमीन चिन्हित होना शेष।
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ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए उपयुक्त जगह की तलाश।
ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए जिस जगह का प्रस्ताव दिया गया था वह उपयुक्त नहीं थी। जल निगम को अन्य चिन्हित जमीन नहीं मिली है। जमीन मिलते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
-अनुज शर्मा, अवर अभियंता जल निगम


