Munna Bajrangi massacre Sacked Jailor UP Singh appeals for restoration of rule - मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: बर्खास्त जेलर यूपी सिंह ने शासन से की बहाली की अपील DA Image
11 दिसंबर, 2019|10:22|IST

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मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: बर्खास्त जेलर यूपी सिंह ने शासन से की बहाली की अपील

मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: बर्खास्त जेलर यूपी सिंह ने शासन से की बहाली की अपील

पूर्वांचल के कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में बर्खास्त जेलर यूपी सिंह ने शासन से नौकरी पर बहाल किए जाने की अपील की है। उन्होंने घटना के समय स्टाफ की कमी का रोना रोते हुए यह अपील की है। जेल में पिस्टल पहुंचने के लिए बर्खास्त जेलर ने डिप्टी जेलरों को भी जिम्मेदार बताया है।

बागपत जिला जेल में नौ जुलाई 2018 की सुबह पूर्वांचल के कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या का आरोप जेल में बंद वेस्ट यूपी के कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी पर लगा था। तत्कालीन जेलर यूपी सिंह ने उसके खिलाफ खेकड़ा थाने पर बजरंगी की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।

शासन ने जेल के अंदर हुए इस हत्याकांड की विभिन्न एजेंसियों से जांच कराई थी। जांच के बाद शासन ने जेलर यूपी सिंह को बर्खास्त कर दिया था। उनपर लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। अब बर्खास्त जेलर यूपी सिंह ने शासन से बहाली की अपील की है। एक सप्ताह पहले उन्होंने शासन को पत्र भेजते हुए यह अपील की है।

उनका कहना है कि उन्होंने मुन्ना बजरंगी की हत्या के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती है। पूरी सजगता के साथ वे ड्यूटी कर रहे थे, लेकिन जेल में 137 बंदी रक्षकों के मुकाबले उस समय सिर्फ 17 बंदी रक्षक ही तैनात थे। उनकी ड्यूटी भी तीन शिफ्टों में लगती थी। ऐसे में तमाम बंदियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर नहीं रखी जा सकती थी। बंदियों का सामान चेक कराने की जिम्मेदारी भी डिप्टी जेलरों की थी। जेल के अंदर पिस्टल पहुंचने के मामले में जिम्मेदारी डिप्टी जेलर है, वे नहीं है। अपील में उन्होंने जेल की अन्य कमियों को भी उजागर किया है लेकिन इस बारे में ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया।

मुन्ना बजरंगी के हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं

खेकड़ा। करीब एक साल पहले गत नौ जुलाई को बागपत जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी लेकिन अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

मुन्ना बजरंगी को पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में झांसी जेल से पेशी पर लाया गया था। रातभर सुनील राठी के साथ रहने वाले मुन्ना बजरंगी को नौ जुलाई की सुबह गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मामले की विवेचना अभी भी विचाराधीन है। सीओ खेकड़ा आरपी सिंह का कहना है कि मुकदमें की विवेचना अभी जारी है।

जेलर सहित तीन पर गिर चुकी है गाज

मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के मामले में तत्कालीन जेलर यूपी सिंह सहित तीन कर्मचारियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हो चुकी है। शासन स्तर से तत्कालीन जेलर यूपी सिंह और दो कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, लेकिन अभी तक बजरंगी की हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।

पूर्वांचल के सफेदपोशों और बदमाशों को मिल चुकी है क्लीन चीट

पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद उसकी पत्नी सीमा सिंह ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसमें पूर्वांचल के कई सफेदपोशों ओर बदमाशों पर बजरंगी की हत्या करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में इन सभी को क्लीन चीट देते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

बजरंगी की पत्नी कर चुकी सीबीआई जांच की मांग

अभी तक मुन्ना बजरंगी हत्याकांड का दोषी की शिनाख्त कर जांच पूरी न होने के मामले में उसकी पत्नी सीमा सिंह उच्च न्यायालय की शरण में चली गई थी। उन्होंने न्यायालय से घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। उनकी यह मांग अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।

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