मिडिल ईस्ट में फिर से युद्ध शुरू होने से सहमे कारोबारी

Mar 01, 2026 10:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बागपत
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Bagpat News - मिडिल ईस्ट में जंग ने उद्यमियों की समस्याएं बढ़ा दी हैं। निर्यातकों की नींद उड़ी हुई है और माल की खेप फंसी हुई है। व्यापारिक पूछताछ पर असर पड़ा है और नए ऑर्डरों की सुरक्षा चिंता बढ़ गई है। उद्योगों के लिए स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है।

मिडिल ईस्ट में फिर से युद्ध शुरू होने से सहमे कारोबारी

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग से एक बार फिर से उद्यमियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी हैं। हाल के हालातों ने जिले के निर्यातकों की नींद उड़ा दी है। सीधी सप्लाई बहुत अधिक नहीं है, लेकिन अशांति से उपजे हालातों ने व्यापारिक पूछताछ पर भी अंकुश लगा दिया है। इस जंग के हालात में सबसे अधिक चिंता रास्ते में फंसी माल की खेप को लेकर हो रही है। पैक किए गए माल को वापस गोदाम में रख दिया गया है। अब हालात सामान्य हो जाने का इंतजार किया जा रहा है। पॉवरलूम, हैंडलूम समेत दूसरे कारोबार से जुड़े कारोबारी कहते हैं कि बहुदेशीय उत्पादों की बात हो तो अनेकों उत्पाद की खरीद मिडिल ईस्ट से लेकर अमेरिका में होती है।

पहले ईरान और इजराइल के बीच हुए युद्ध, फिर टैरिफ को लेकर हालात नाजुक हुए थे और अब फिर से वैसे ही हालात पैदा होते दिख रहे हैं। खेकड़ा का पॉवरलूम, हैंडलूम उद्योग से लेकर पेपर वर्क, होम फर्निशिंग, स्टोंस आदि ऐसे उद्योग हैं जिनका अधिक माल अमेरिका और मिडिल ईस्ट में निर्यात होता है। उत्पाद सीधे निर्यात न होकर दिल्ली मुंबई के रास्ते सप्लाई होता है। विभिन्न उत्पादों की सप्लाई भी कई दशकों को चल रही है। यहां के होम फर्निशिंग उत्पाद के मुरीद संयुक्त अरब अमीरात सहित अन्य देशों में है। इसके अलावा हस्तशिल्प के मामले में भी बीती अवधि में बड़ी मात्रा में उत्पादों की आपूर्ति की गई। अब नए ऑर्डरों से अधिक पहले से रवाना हुए उत्पादों की सुरक्षा की चिंता उद्योगों को होने लगी है। उद्यमी मुकेश गुप्ता, अश्वनी, आशीष जैन, अमितांशु अग्रवाल का कहना है कि विभिन्न कारणों से हम लोगों को निर्यात में दिक्कतें आ रही हैं। अब वैश्विक हालात बिगड़ने से हम लोगों को मिलने वाले ऑर्डर प्रभावित हो सकते हैं। हस्तशिल्प के मामले में शांति की स्थिति में ही ऑर्डर मिलने की संभावना रहती है। युद्ध के हालात से हम लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। प्रत्यक्ष रूप से पश्चिमी एशिया को अधिक आपूर्ति नहीं होती। न ही माल आपूर्ति के मार्ग में व्यवधान की आशंका लग रही, लेकिन विश्व के माहौल का कारोबार पर असर पड़ता है। इन हालातों में शांति ही सबसे उत्तम स्थिति है। जब तक युद्ध के बादल मंडराएंगे, कारोबार को दम नहीं मिलेगी। बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष लोकेश कुमार का कहना है कि एक बार फिर कारोबार में व्यवधान की स्थिति आ गई है। बीते कुछ समय से विश्व में लगातार टकराव के हालात चल रहे हैं। इस स्थिति में हम लोगों को सामान्य आपूर्ति कर पाना भी संभव नहीं होगा। यदि हालात लंबे समय तक खराब रहते हैं तो हम लोगों के लिए अपना अस्तित्व बचाना मुश्किल होगा। उद्यमी दीपक मखीजा का कहना है कि हम लोगों के लिए एक बार फिर मुश्किल का समय आ गया है। मौजूदा स्थिति खाड़ी देशों में बिगड़ी है। लेकिन इसके केंद्र में कहीं न कहीं अमेरिका है। यही हमारा सबसे बड़ा खरीदार है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो हमारे भावी ऑर्डर प्रभावित हो सकते हैं। हमारे भुगतान अटकने की नौबत भी हो सकती है। -------

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