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20 जनवरी, 2021|2:17|IST

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लॉकडाउन ने कुंद की गुड़ कारोबार की रफ्तार

लॉकडाउन ने कुंद की गुड़ कारोबार की रफ्तार

1 / 2कोरोना संक्रमण के चलते देश में लागू के किए लॉकडाउन का सबसे अधिक असर गुड़ कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारी से लेकर कोल्हू संचालक तक व्यापार में आई मंदी की मार को झेल रहे...

लॉकडाउन ने कुंद की गुड़ कारोबार की रफ्तार

2 / 2कोरोना संक्रमण के चलते देश में लागू के किए लॉकडाउन का सबसे अधिक असर गुड़ कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारी से लेकर कोल्हू संचालक तक व्यापार में आई मंदी की मार को झेल रहे...

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कोरोना संक्रमण के चलते देश में लागू के किए लॉकडाउन का सबसे अधिक असर गुड़ कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारी से लेकर कोल्हू संचालक तक व्यापार में आई मंदी की मार को झेल रहे हैं। उनका मानना है कि अगर लॉकडाउन लंबा चला तो उनका व्यापार चौपट हो जाएगा। कोरोना के कारण सभी जगह लॉकडाउन है, जिसके कारण गुड़ का कारोबार भी प्रभावित होने से अछूता नहीं रहा।

लॉकडाउन के कारण गुड़ का निर्यात बंद है, जिसके कारण व्यापारियों में निराशा का माहौल है। गुड़ मंडी व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि पालीवाल का कहना है कि हमारे यहां से अधिकांश गुड़ का निर्यात राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में होता है। लॉकडाउन के कारण ट्रांसपोर्ट बंद है, जिससे गुड बाहर भेजने में परेशानी हो रही है। उनका कहना है लॉकडाउन से पहले गुड़ का भाव 2925 रुपये प्रति कुंतल था, अब 2700 रुपये प्रति कुंतल का भाव बमुश्किल मिल पा रहा है।

गुड़ व्यवसायी अमित गुप्ता का कहना है कि गुड़ का निर्यात अन्य प्रदेशों में किया जाता है वह तो बंद है ही, नगर और आसपास के क्षेत्रों में गुड़ की सप्लाई नहीं हो पा रही है। लॉकडाउन के कारण साइकिलों ठेलियों, बोगियों से गुड़ बेचने का कार्य भी बंद है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो व्यापारियों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

रोजाना 25 कुंतल गुड़ जाता था दिल्ली

कोल्हू संचालक ओमी का कहना है कि लॉकडाउन से पहले उनका करीब 25 कुंतल गुड प्रतिदिन दिल्ली जाता था, जब से ट्रेनों का संचालन बंद हुआ तब से गुड उत्पादकों की दुर्गति हो रही है। अन्य कोल्हू संचालक भोपाल सिंह ने बताया कि लॉकडाउन से पहले उन्हें दिल्ली आदि बड़े शहरों में 3200 प्रति कुंतल का भाव मिल रहा था। जब से लॉकडाउन हुआ है तब से 2700 रुपए कुंतल का भाव मिल रहा है। इससे कोल्हू संचालन में भारी नुकसान हो रहा है।

लॉकडाउन के कारण गत वर्ष के मुकाबले इस साल शुरूआत में गुड़ की आवक कम रही। गुड़ का व्यापार पर प्रभावित हुआ, अब जैसे ही ट्रांसपोर्ट कार्य शुरू हुआ तब से गुड़ के निर्यात में धीरे धीरे गति पकडनी शुरू कर दी है।

-विनोद राणा, प्रभारी सचिव मंडी सचिव बड़ौत