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जन्माष्टमी: घर-घर जन्मे कृष्ण मुरार, बजने लगे घंटे और घड़ियाल

Bagpat News - देररात घंटे बजते ही मंदिरों में कान्हा ने लिया जन्मजन्माष्टमी: घर-घर जन्मे कृष्ण मुरार, बजने लगे घंटे और घड़ियालजन्माष्टमी: घर-घर जन्मे कृष्ण मुरार

Newswrap हिन्दुस्तान, बागपतSat, 16 Aug 2025 06:35 PM
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जन्माष्टमी: घर-घर जन्मे कृष्ण मुरार, बजने लगे घंटे और घड़ियाल

भाद्रपद की तिथि अष्टमी, जन्मे कृष्ण मुरार, प्रगटे आधि रात को, सोये पहरेदार। रात 12 बजे का घंटा बजते ही घर और मंदिरों में कान्हा ने जन्म लिया। घंटे-घड़ियाल, ढोल-नगाड़े, झांझ-मजीरे और मृदंग बजने लगे। शंख की मंगल ध्वनि के बीच पंच गव्य के अभिषेक के साथ पूजन किया गया। जिलेभर में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। घरों में लोगों ने गोपाल जी का केक काटने के साथ उनका मंदिर सजाया। झांकियों के पास नंदघर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जन्मे है कृष्ण कन्हाई, गोकुल में बाजे बधाई... के जयघोष गूंजते रहे। मंदिरों में भजन संध्या, शंख से भगवान श्रीकृष्ण का पंचाभिषेक हुआ।

सभी मंदिरों में देर रात तक पूजा पाठ हुआ। श्रद्धालुओं ने उपवास रख मंदिरों में पूजा अर्चना कर धर्मलाभ उठाया।मंदिर रंगीन रोशनी और फूलों से सजे रहे। मंदिरों और विभिन्न कालोनियों में विभिन्न धार्मिक झांकियां सजाई गई। जिन्हें देखने के लिए देर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती रही। शहर में जन्माष्टमी पर्व की धूम मची रही। बाल गोपाल को झूला झुलाने के लिए पालने सजाए जाने लगे। कहीं फूल बंगला, तो कहीं आकर्षक झालरों की सजावट के साथ विशेष श्रंगार होता रहा। श्रद्धालु प्रसाद बनाने में जुटे रहे। रात्री करीब 12 बजे कान्हा के जन्म लेते ही मंदिरों में हाथी घोड़ा पाल की, जय कन्हैया लाल की आदि जयकारों का जयघोष होने लगा। --------- बाजार रहे गुलजार जन्माष्टमी पर शहर का बाजार ग्राहकों से गुलजार रहा। दिनभर बाजार में ग्राहकों की चहल-कदमी बनी रही। किसी ने फल और सब्जी खरीदी, तो किसी ने पूजन और कान्हा के वस्त्र खरीदे। शाम के समय तो केक की भी काफी बिक्री हुई। जिससे व्यापारियों के चेहरे खिले रहे। ------ आर्टीफिशियल फूलों की बिक्री बढ़ी जन्माष्टमी पर बाजारों में सर्वाधिक बिक्री लड्डू गोपाल और पालना की हुई। वृंदावन की पोशाक सबसे ज्यादा खरीदी गई। बाजार में मोर मुकुट नाथद्वारा के साथ मेटल,कपड़े लोगों ने खरीदे। आकर्षक कारीगरी वाली पोशाक बच्चों के लिए खरीदी।

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