
बागपत : सीआईएसएफ इंस्पेक्टर के चचेरे भाई को कंबोडिया से वापस लाने की कार्रवाई शुरू
संक्षेप: Bagpat News - धनोरा सिल्वरनगर के विकास राणा को मर्चेंट नेवी में नौकरी के बहाने कंबोडिया बुलाया गया था। वहां उसे बंधक बना लिया गया और साइबर ठगी के लिए फोन करने के लिए मजबूर किया गया। 20 दिन बाद, विकास ने अपने परिवार को धोखे की जानकारी दी। कंबोडिया पुलिस ने उसे बंधनमुक्त कर भारत भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मर्चेंट नेवी में नौकरी के बहाने कंबोडिया बुलाए गए धनोरा सिल्वरनगर के रहने वाले युवक को कंबोडिया पुलिस ने बरामद कर लिया है। इसके बाद कंबोडिया पुलिस ने युवक को भारत भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सीआईएसएफ इंस्पेक्टर के चचेरे भाई विकास राणा को नौकरी के बहाने कंबोडिया बुलाया गया था, जिसके बाद विकास राणा गत 17 जुलाई को ट्यूरिस्ट वीजा के जरिए कंबोडिया चला गया। परिजनों ने बताया कि शुरुआती दिनों में विकास ने अच्छी बातचीत की, लेकिन इसके बाद विकास से बात होनी बंद हो गई। अब 20 दिन पहले विकास का परिजनों के पास फोन आया, तो उसने धोखा होने की जानकारी देते हुए बताया कि उसे बंधक बनाकर रखा गया है।

बंधक बनाने वाले लोग उससे साइबर ठगी के लिए भारतीय लोगों के पास फोन करा रहे हैं। वह मना करता है तो उसके साथ मारपीट की जाती है। विकास की बातें सुनने के बाद परिजनों ने एसपी से विकास को वापस लाने की गुहार लगाई। एसपी ने जांच कराई तो मामला सही पाया गया, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने भारत सरकार को प्रकरण से अवगत कराया। भारत सरकार ने संज्ञान लेते हुए कंबोडिया सरकार से संपर्क किया। कंबोडिया पुलिस ने विकास राणा को बंधनमुक्त करा लिया। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि युवक को कंबोडिया पुलिस ने बंधनमुक्त करा लिया है। उसे वापस भारत भेजे जाने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जल्द ही विकास राणा बागपत लौट आएगा।

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