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27 अक्तूबर, 2020|9:35|IST

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महत्वपूर्ण: उद्योग-रोजगारों को बढ़ाने पर पानी फेर रही बैंक शाखाएं

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हिन्दुस्तान विशेष:

बागपत। वरिष्ठ संवाददाता

जिलेभर में अधिकांश बैंक शाखाएं उद्योगों और रोजगार को बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के सपनों पर पानी फेर रही है। सरकारी ऋण योजना में आवेदन करने के बावजूद बैंक शाखाएं चयनित लाभार्थियों को बैंक ऋण देने में कोताही बरत रही है। ऐसे में जिले में उद्योग स्थापित करना या फिर पुराने उद्योगों को कोरोना काल में पटरी पर लाने में काफी दिक्कतें पैदा हो रही है । यहां तक कि युवा वर्ग अपना रोजगार स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। खास बात यह है ओडीओपी में 1 करोड़ रुपये का ऋण वितरित करने का लक्ष्य था लेकिन बैंकों के स्तर पर इसमें भी लापरवाही बरती गई है।

बैंक शाखाओं द्वारा बरती जा रही है इस लापरवाही के चलते जनपद में ओडीओपी, प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर योजना, ग्रामोद्योग योजना एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अलावा डेयरी उद्योग के चयनित लाभार्थियों को समय पर बैंक ऋण उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उद्योग विभाग द्वारा जनपद की लगभग सभी बैंक शाखाओं को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों के स्वीकृत ऋण आवेदन पत्र भेजे गए हैं। जो कि इन बैंक शाखाओं में धूल फांक रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बैंक ऋण न मिलने पर बेरोजगार युवक उद्योग विभाग हो या फिर बैंक के प्रबंधकों के कार्यालय में चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। फिर भी उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। इस मामले को डीएम शकुंतला गौतम ने भी गंभीरता से लेते हुए सभी बैंकर्स की बैठक बुलाकर लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरित करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके उद्योग

एवं रोजगार बढ़ाने को लेकर कोई प्रगति होती नहीं दिखाई दे रही है।

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ओडीओपी में बैंक शाखाओं की प्रगति बेहद खराब

बैंक लक्ष्य स्वीकृति निरस्त लंबित

केनरा बैंक 40 06 08 26

ओबीसी/पीनएबी 28 01 13 14

एसबीआई 04 04

यूनियन बैंक 04 01 02 01

इंडियन बैंक 06 02 01 03

बैंक आफ बड़ौदा 02 02

बैंक आफ इंडिया 06 04 02

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सिर्फ 104 रेहड़ी/ḥपटरी वालों को मिला 10 हजार का ऋण

बैंकों को 4407 रेहड़ी/पटरी वालों को रोजगार करने के लिए 10 हजार रुपये ऋण मुहैया कराने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन अभी तक सिर्फ 104 ही लोगों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। जबकि बैंकों में 1441 का ऋण स्वीकृति दर्शाया गया है। 2966 आवेदन लंबित भी हैं।

डेयरी उद्योग का भी बुरा हाल

डेयरी उद्योग संचालित करने के लिए करीब 1556 लोगों ने ऋण के लिए आवेदन किए थे लेकिन इनमें से सिर्फ 212 का ही ऋण स्वीकृत हुआ है। जबकि 1281 आवेदन विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित है।

एमवाईएसवाई स्कीम में भी सिर्फ 11 को मिला ऋण, 49 आवेदन लंबित

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी बागपत में रामभरोसे है। इसके तहत करीब 79 युवाओं ने आवेदन किए थे लेकिन सिर्फ 11 को ही ऋण स्वीकृत हो पाई है। तीन ही लोगों ऋण वितिरत किया गया है । 19 आवेदन निरस्त हुई है जबकि 49 आवेदन लंबित है।

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कोट

डीएम ने जताई नाराजगी

सरकारी रोजगार योजनाओं के अंतर्गत चयनित बेरोजगारों को बैंक लोन देने में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी शकुंतला गौतम द्वारा नाराजगी जताई जा चुकी है। लेकिन फिर भी बैंक प्रबंधन स्वीकृत ऋण वितरण में कोताही बरत रहे हैं।

कोट:

- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को ऋण वितरण के लिए बैंक शाखाओं को आवेदन भेजे गए हैं। जिसमें लाभार्थियों को समय पर स्वीकृत राशि न देने के अनेक मामले सामने आए हैं। इस संबंध में बैंक अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। स्थिति से डीएम को भी अवगत करा दिया गया है।

प्रदीप वसंत थोराट जिला लीड बैंक अधिकारी बागपत।

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30 बाग 14 शकुंतला गौतम

30 बाग 15 प्रदीप वसंत थोराट

--झा--

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  • Web Title:Important Bank branches derailing to increase industry-employment