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बागपतहाल-ए-गांव: बुखार से कराह रहा कंडेरा, पीएचसी बना शोपीस

हिन्दुस्तान टीम,बागपतPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 09:50 PM
हाल-ए-गांव: बुखार से कराह रहा कंडेरा, पीएचसी बना शोपीस

एक तरफ जहां कंडेरा गांव में कोरोना महामारी की वजह से पिछले 2 माह में 35 महिला-पुरूषों की कोरोना व बुखार से मौत हो चुकी है वहीं गांव में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शोपीस बनकर रह गया है। अभी भी गांव में बुखार से कई लोग चपेट में हैं। आश्चर्य की बात यह है कि स्वास्थ्य केन्द्र पर पिछले 3 साल से किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में ग्रामीण मजबूरन झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर हैं।

बता दें कि कंडेरा गांव की आबाद 6000 हजार से अधिक है। गांव में पिछले 2 माह से 35 से अधिक महिला एवं पुरुषों की मौत हो चुकी है। चार- पांच लोगों की कोरोना से और बाकी सभी की जान बुखार से जा चुकी है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है लेकिन पिछले 3 वर्षों से कोई भी चिकित्सक के ना होने की वजह से सिर्फ फार्मेसिस्ट वरुण कुमार के भरोसे ही लोगों का उपचार चल रहा है। खास बात यह है कि फार्मेसिस्ट के साथ-साथ वार्ड बॉय कोविड-19 में ड्यूटी लगी हुई है। बुखार और कोरोना से गांव के ग्रामीणों में दहशत होने के बावजूद भी गांव में आज तक कोई जांच या कैंप नहीं लगाया गया । ग्रामीणों का कहना है कि अप्रैल व मई माह में अब तक ठेकेदार ब्रहम सिंह मास्टर आत्माराम संजीव कुमार मास्टर महिपाल सिंह भगत प्रजापत ओम सिंह सतेन्द्र मांगेराम राजपाल पाल्ला मास्टर ओमप्रकाश हुकुम सिंह कश्यप कांता देवी रामस्वरूप हरिजन राम सिंह सहित 6 महिलाओं की भी मौत हो चुकी है। इससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। अभी भी कई ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं।

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बोले ग्रामीण, जागरूक होने के साथ स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कैंप लगाएं

ग्रामीण अमर सिंह का कहना है कि गांव में मरीजों की जांच के लिए सरकारी अस्पताल की ओर से कैंप लगने चाहिए । जिससे गांव के लोगों को राहत मिलेगी । उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में कैंप लगाकर लोगों की जांच कर दवाइयां वितरण करने की मांग की।

रमाला शुगर मिल के पूर्व चेयरमैन रविन्द्र मुखिया का कहना है कि शुरुआत में की गई लापरवाही का परिणाम है गांव में बुखार का फैलना। ग्रामीणों को सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

सत्येंद्र सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक गांव में कोई कैंप नहीं हुआ। कैंप कराने की मांग की और ग्रामीणों से भी सावधानी बरतने की अपील की।

ग्रामीण बुजुर्ग धर्मवीर सिंह का कहना है गांव में बिना कार्य के लोग इधर-उधर गलियों में घूमते हैं जिससे बुखार और कोरोना जैसी बीमारियां स्वत: ही बढ़ावा मिलता है। बिना काम के लोगों को बाहर नहीं जाना चाहिए।

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पीएचसी पर तीन वर्षों से नहीं है चिकित्सक की तैनाती

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंडेरा पर तैनात फार्मासिस्ट वरुण कुमार का कहना है कि गांव में नियमित रूप से टीकाकरण का कार्य किया गया। टीकाकरण के लिए 150 लोगों का लक्ष्य होता है, गांव में आशाओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के द्वारा प्रचार प्रसार होने के बाद भी वहां पर सिर्फ 20-22 ग्रामीण ही टीकाकरण के लिए आते हैं । उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले 3 वर्षों से कोई चिकित्सक तैनात नहीं है।

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प्रधान बोली, नियमित कराया जाएगा सैनिटाइज

नव निर्वाचित प्रधान चिंकी तोमर ने बताया कि गांव में दो बार सेनेटाइजर का छिड़काव करा दिया गया है । नियमित रूप से गांव को सैनिटाइज कराने का काम किया जाएगा । इसके अलावा गांव के लोगों को कोरोना महामारी के प्रति जागरूक करने का काम किया जा रहा है। जैसे 2 गज की दूरी, मास्क पहनने के साथ गांव में इधर-उधर न घूमने की बात कही जा रही है।

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