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7 अगस्त, 2020|12:01|IST

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पहली बार रमजान के पहले जुमे को घरों में अदा हुई नमाज, पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट

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इतिहास में पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते रमजान के महीने में रोजेदारों को पहले जुमे की नमाज घरों में अदा करनी पड़ी। नमाज अदा करते वक्त सभी ने सोशल डिस्टेंस का पालन किया। नमाज में सभी ने अल्लाह-तल्लाह से कोरोना से निजात दिलाने के साथ-साथ मुल्क व कौम की सलामती की दुआएं भी की।

उधर शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासनिक अफसर पूरे दिन सड़कों पर डटे रहे। मस्जिदों के आसपास पुलिसर्किमयों की ड्यूटी लगाई गई, हालांकि मस्जिदों में ताला लटकने की वजह से कोई भी नमाज अदा करने नहीं पहुंचा, क्योंकि शासन-प्रशासन के स्तर पर मस्जिदों में सामूहिक भीड़ को लेकर प्रतिबंध लगा हुआ है।

उधर सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।बागपत शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में मुस्लिमों ने मस्जिदों के बजाए घरों में रहकर जुमे की नमाज अदा की। सभी रोजेदारों ने सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए अपने घरोेंं में नमाज अदा की। सबने मुल्क की कोरोना से मुक्ति के लिए अल्लाह से दुआ मांगी।

बागपत शहर में महिला थानाध्यक्ष नेहा चौहान, कोतवाल अरविंद सिंह, एसएसआई जाहिद, कचहरी चौकी इंचार्ज सुरेन्द्र सिंह सहित पुलिसकर्मी पूरे दिन सड़कों पर डटे रहे। इन अफसरों ने मस्जिदों आसपास चेकिंग भी की, कोई मस्जिदों में तो नहीं जा रहा। इतना ही नहीं सड़कों पर बेवजह घुमने वालों की भी पुलिस से सबक ली। दोपहर के समय सभी ने घरों में शांतिपूर्वक नमाज अदा की।

बड़ौत में मौलाना आरिफ ने बताया कि सभी रोजेदारों ने घरों में रहकर इबादत की, कहा कि हम सबके लिए मुल्क की हिफाजत सबसे पहला धर्म है। कहा कि जब तक कोरोना खत्म नही हो जाता, तब तक सब लोग लॉकडाउन को पालन करते रहेंगे। इसके अलावा बिनौली, छपरौली, दाहा व रमाला क्षेत्र में भी घरों के अंदर जुमे की नमाज अदा की।

चांदीनगर क्षेत्र में हॉटस्पाट गांव रटौल गांव में लॉक डाउन के चलते जुमे के दिन सभी मस्जिदें खाली पड़ी रही। गांव के सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ी ओर इसी दौरान सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखा गया। छोटे-छोटे बच्चों ने रोजा रख नमाज पढ़ी।

मौलाना सफीक ने बताया कि रमजान के माह में रोजों के साथ खुदा की इबादत करने से सभी गुनाह माफ हो जाते हैं। रमजान के पहले जुमे को बड़ों के साथ-साथ छोटे बच्चों ने भी रोजे रख खुदा की इबादत की और करोना जैसी बीमारी को दूर करने की दुआ की।

रटौल गांव के अलावा लहचौडा, गौना, सिंगोली तगा, ललियाना आदि गावों में भी रोजदारों ने रोजे रख कर संक्रमण से मुक्ति दिलाने की दुआएं मांगी।खेकड़ा। रमजान के पहले जुमे की नमाज को लेकर समुदाय के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मस्जिदों में अजान होते ही नमाजियों ने अपने घरों में रहकर सोशल डिस्टेंस के बीच पूरे अकीदत के साथ नमाज अदा की। नमाजियों ने अल्लाह से देशवासियों को भीषण कोरोना बीमारी से बचाने की दुआएं भी मांगी।

उधर, पहली बार रमजान माह के पहले जुम्मे पर क्षेत्र की तमाम मस्जिदें सूनीं रहीं। हालांकि, मौलानाओं ने मस्जिदों में जुम्मे की नमाज अता कर समुदाय और देशवासियों के लिए दुआएं मांगी। कस्बे के छोटा बाजार जामा मस्जिद केइमाम मुफ्ती आमेर ने रमजान को बरकतों और रहमतों का महीना बताया। कहा कि इस माह में रोजा रखने वालों को अल्लाह तमाम नेमतें प्रदान करते हैं।

बताया कि इस्लाम की बुनियाद पांच चीजों पर कायम है। पहला कलमा पढ़ना, दूसरा नमाज, तीसरा रमजान में रोजे रखना, चौथा जकात अदा करना और पांचवां हज करना। बताया कि नमाज, जकात और हज का सवाब तो सबको मालूम है, लेकिन रोजे का सवाब केवल अल्लाह ही जानते हैं। उन्होंने समुदाय के लोगों से कोरोना वायरस से बचाव को घरों में ही रहने की अपील भी की। उधर मस्जिदों के सामने पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। -

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  • Web Title:For the first time Namaz was performed in the houses before the first Ramadan police-administration was alert