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दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर किसानों ने फंसाया पेंच

बागपत के कई गांवों के किसान दिल्ली में भाजपा सांसद से मिले,भूतल एवं सड़क परिवहन मंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन...

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर किसानों ने फंसाया पेंच
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,बागपतThu, 29 Jul 2021 04:21 AM

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण को लेकर बागपत के किसानों ने पेंच फंसा दिया है। करीब 27 गांवों के किसानों ने मुआवजे और सर्किल रेट की स्थिति स्पष्ट होने और वार्ता किए बिना भूमि देने से इंकार कर दिया है। इस बावत बुधवार को सैकड़ों किसान दिल्ली में भाजपा सांसद से मुलाकात कर केन्द्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और किसानों के हित में फैसला लेने की मांग की।

बता दें कि करीब पांच माह पूर्व गत फरवरी माह में केन्द्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडगरी ने करीब 210 किलोमीटर लंबाई के दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक सिक्स लेन कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद से एनएचएआई द्वारा भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। 6 लाइन इकोनामिक कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 12,300 करोड़ लागत आएगी। बताया जाता है कि अगस्त 2021 तक यह परियोजना अवार्ड हो जाएगी। इसे 2023 तक पूरा कर लेने की तैयारी है। इसके लिए बागपत के 27, शामली के 27 और मुजफ्फरनगर के 7 गांवों के किसानों से भूमि अधिग्रहण कर चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है लेकिन इन किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा, सर्किल रेट क्या है, बिना आपत्ति की सुनवाई प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही चल रही है।

इसके विरोध में किसानों ने तीन दिन पहले कलेक्ट्रेट में धरना देकर विरोध जताया था। अब दिल्ली में भाजपा सांसद डा. सत्यपाल सिंह को 13 सूत्रीय ज्ञापन देकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने और जिला प्रशासन के स्तर पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। सांसद को ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा नेता एवं गन्ना समिति बागपत के चेयरमैन कृष्णपाल सिंह, परवेन्द्र धामा,पूर्व ब्लाक प्रमुख जितेन्द्र धामा, हरवीर सिंह, महीपाल सिंह, महावीर सिंह, मोनू, बीनू, पीतम व सहदेव आदि शामिल रहे।

उधर सांसद डा. सत्यपाल सिंह ने इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने किसानों से कहा कि डीएम, एडीएम एवं एनएचएआई के अधिकारियों के साथ किसान प्रतिनिधि मंडल की बैठक कर भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याओं का निस्तारण कर लिया जाएगा।

ये हैं प्रमुख मांगें

1. दिल्ली देहरादून इकोनोमी कॉरिडोर (प्रस्तावित) में 3A आपत्तियों की सुनवाई के बिना ही 30 का प्रकाशन कर दिया। इसमें किसानों की भी सुनवाई हो।

2. दिल्ली देहरादून इकोनोमी कोरीडोर (प्रस्तावित ) में मौके पर कोई निशानदेही नहीं की गयी है। किसानों को यह ही नहीं पता कि उसकी भूमि कितनी जा रही है। जहां आवासीय प्लाट है उन्हें पता ही नहीं उनका प्लाट जा भी रहा है या नहीं। सिर्फ खसरा नंबर व रकबा दिया गया है।

3. ग्राम टटीरी के मोजे में खसरा न० 1064 में करीब 200 प्लाट है। राजस्व रिकार्ड में अभी भूमि मालिक भूल्लन पुत्र शंकर का नाम है । निशानदेही के अभाव में प्लाट मालिक कैसे आपत्ति लगाये।

4. ग्राम टटीरी राजस्व रिकार्ड में टटीरी ग्रामीण दर्ज है जबकि 3.A व ० नोटिफिकेशन में शहरी दूर्शाया गया है। ताकि ग्रामिणों को कम मुआवजा दिया जा सके ।

5. कॉरिडोर के दोनों ओर सर्विस रोड दी जाए, जिससे किसानों को खेत तक पहुंचने में परेशानी ना हो । जहां सरकारी मार्ग है वहां अंडरबाइपास दिया जाना चाहिए।

6. मवीकला गांव प्रस्तावित अधिग्रहित अभि अधिकांश मकान है परन्तु बैनामें या दूकान है। यहां का सर्किल रेट 13500 ,19500 तक है। जो बैनामे मुख्य मार्ग से 250 मी० तक किए है उन पर कॉमशियल स्टाम्प लिया गया है। अधिग्रहण सूचि में को कॉमर्सियल भूमि का रेट 52000 रुपये / मीटर भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार सर्किल रेट अथवा बैनामे में जो भी अधिक हो उसका 4 गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए।

7. ग्राम टटीरी में मेरठ बागपत मार्ग पर दर्जनों व्यवसायिक प्रतिष्ठान है, मुख्य मार्ग से दोनों ओर 200 मी० तक की भूमि को कॉमर्शियल माना जाना चाहिए ।

8. जो भूमि आवासीय है या 143 धारा के अन्तर्गत उपजिलाधिकारी महोदय ने आवासीय घोषित की है। उन्हे कृषक / अकृषक दर्शाकर भूमि मालिकों को भ्रमित किया जा रहा है।

9. 3A की आपत्तियों का निस्तारण में किसानों की सुनवाई नहीं हुई है किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

10. 0किसानों को सीजरे के अलाइमेन्ट की कोई प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

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