बाजारी भाव और सरकारी नौकरी मिलने पर ही होने देंगे जमीन का अधिग्रहण
चांदीनगर के गौना सहबानपुर गांव में किसानों की बैठक में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठाई गई। किसानों ने बाजारी दर पर मुआवजे की मांग की और चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगें नहीं मानता, तो वे जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। बैठक में कई किसान नेता शामिल हुए।

चांदीनगर। गौना सहबानपुर गांव में जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों की बैठक हुई। जिसमें किसानों ने कहा कि बाजारी रेट पर जमीन का अधिग्रहण, पीड़ित किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी समेत विभिन्न मांगों को उठाया गया। चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन किसानों की बात मानता है, तो जमीन अधिग्रहण होने देंगे। अगर बात नहीं मानी, तो जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। औधोगिक क्षेत्र के लिए 12 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है, लेकिन किसान इस औद्योगिक गलियारे का विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि सरकारी सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देना चाहती है, जो किसानों के साथ अन्याय है।
किसान बाजारी भाव पर ही जमीन देंगे, वरणा जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। गुरुवार को गौना सहबानपुर गांव में जगमाल सिंह के आवास पर किसानों की बैठक हुई। जिसमें किसानों ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी गांव में आकर किसानों से बात करें और किसानों की मांग पूरी करें। जिस किसान की जमीन अधिग्रहण होगी, उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाये। अगर प्रशासन ने किसानों की बात नहीं मानी, तो वे जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। बैठक में दीपचंद, जगमाल, शिवकुमार, कमलसिंह, सुरेन्द्र, विनोद, धर्म सिंह आदि मौजूद रहे।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


