Bagpat News: बाजार भाव का चार गुना दें मुआवजा या फिर हटाए बैनामों पर लगी रोक
Bagpat News: यूपीसीडा के भूमि अधिग्रहण और सहमति पत्र को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि उन्हें बाजार के भाव का चार गुना मुआवजा दिया जाए। उन्होंने खुली वार्ता की अपील की है, अन्यथा धरना देने की चेतावनी दी है। बैठक में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
Bagpat News: चांदीनगर। यूपीसीडा के भूमि अधिग्रहण और सहमति पत्र को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को क्षेत्र के किसानों की बैठक गढ़ी कलंजरी में भूपेंद्र के आवास पर हुई, जिसमें यूपीसीडा के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई गई। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसान को बाजार भाव का चार गुना मुआवजा चाहिए। किसानों ने यूपीसीडा को दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि या तो किसानों की समिति के सामने बैठकर गांवों में खुली वार्ता की जाए और उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाए, अन्यथा सभी गांवों से किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना देंगे और बंद पड़े बैनामे तत्काल खोलने की मांग करेंगे। किसानों ने कहा कि यूपीसीडा सहमति पत्र में चाहे कितने भी संशोधन कर ले, किसान किसी भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। किसानों को बांटने की कोशिश भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों ने साफ कहा कि एक बीघा जमीन वाला किसान हो या 50 बीघा वाला, सभी किसान एकजुट हैं। बैठक की अध्यक्षता महेश चंद सोती और संचालन सूर्यांश ने किया। बैठक में काशीराम प्रधान, भूपेंद्र, भोपाल, बिजेंद्र, जय भाटी, रविकांत, आजादवीर, रविशंकर, रामचंद्र, सुनील, जगनपाल सहित बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्र के युवा मौजूद रहे。
अधिकारियों को दी चेतावनी
बैठक में किसानों ने एडीएम अध्यापति उमेश चंद शुक्ला को भी चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को भ्रमित करने का काम बंद किया जाए। किसान अपने अधिकार और अपनी जमीन के संबंध में पूरी तरह जागरूक हैं। किसानों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा अलग-अलग तरीके से किसानों को समझाने अथवा बांटने की कोशिश सफल नहीं होगी। किसानों ने कहा कि यदि यूपीसीडा वास्तव में किसानों के हित में काम करना चाहता है, तो समिति के साथ बैठकर खुले तौर पर वार्ता करें और हर बिंदु पर लिखित रूप से स्थिति स्पष्ट करें।
बंद बैनामे खोलना अब किसानों की पहली मांग
किसानों ने कहा कि लंबे समय से बैनामे बंद होने के कारण किसान अपनी जमीन का क्रय-विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। अब किसानों की प्राथमिक मांग है कि बिना किसी देरी के बैनामे खोले जाएं। किसानों ने निर्णय लिया कि जल्द ही जिलाधिकारी से मुलाकात कर बैनामे खोलने की मांग रखी जाएगी। किसानों ने कहा कि यदि दस दिन के भीतर बैनामे नहीं खोले गए, तो प्रत्येक गांव से 50-50 किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर धरना देंगे।


