DA Image
28 जनवरी, 2021|4:29|IST

अगली स्टोरी

आम की फसल पर होपर कीट के साथ बीमारियों का संकट गहराया

default image

फलों के राजा आम की बात करें तो रटौल आम सबके जहन में आता है। दुनियाभर में अपने स्वाद और मिठास के लिए जाना जाता है। विश्व में फैली माहामारी के चलते सभी जगह लॉकडाउन किया गया, जिसका असर आम बागानों पर भी पड़ रहा है। रटौल गांव में लगभग 300 एकड़ में आम के बागान हैं।

अबकि बार फसल अच्छी आई है लेकिन आम बागानों पर होपर कीट, फंफूदी और कढ़ी कीट का प्रकोप बढ़ गया है। जिससें आम बागान मालिक चिंतित है। लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद है। जिससे आम बागानों की धुलाई भी रूकी हुई है। आम बागानों में आए-छोटे आमों पर कीट का प्रकोप बढ़ने से आम टूटकर गिरने लगा है।

आम बागान मालिक पूर्व सिचाई मंत्री डा. मैराजुद्दीन ने बताया कि मार्च और अप्रैल में आम बागानों में कीटों से बचाव के लिए बागों में दवाओं का स्प्रे किया जाता है। लॉकडाउन के चलते दवाईयां उपलब्ध न होने के कारण किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। आम बागान मालिक हबीब खान का कहना है कि आग बागानों पर होपर कीट और कढ़ी कीट का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिससे आम बागान मालिकों को नुकसान होगा। उमर फरीदी ने बताया की लॉकडाउन के चलते दिल्ली व अन्य स्थानों पर दुकानें बंद हैं, जिस कारण आम बागानों की धुलाई के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उनका कहना की एक तरफ तो दवाओं का सकंट है। दूसरी और रटौल सील होने के कारण किसानों को आम बागानों में जाने के लिए भी परेशानियां उठानी पड़ रही है। ये कहना है कि कृषि वैज्ञानिक का...कृषि वैज्ञानिक डा. अमित चौधरी ने बताया की आम के बगीचों में भुनगा एवं कढ़ी कीट के नियंत्रण हेतू बुप्रेफेजिन 200 मी.ली. प्रति 100 लीटर की दर से प्रयोग करें। आम में पाउडरी मिलड्यू रोग नियंत्रण हेतू डाइनोकेप 48 प्रतिशत दर 100 मी.ली. या हैक्साकोनाजोन 5 प्रतिशत दर 200 ग्राम 100 लीटर पानी की दर से प्रयोग करें।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Disease crisis deepens with hopper pest on mango crop