साइबर अपराध पर तगड़ा वार, जिले में तैयार होंगे साइबर कमांडो
बागपत में साइबर अपराध से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। इनकी प्रशिक्षण के लिए बागपत पुलिस ने आवेदन मांगे हैं। साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि के चलते 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। साइबर कमांडो ठगों को गिरफ्तार करने और जागरूकता फैलाने में मदद करेंगे।

बागपत। बढ़ते साइबर अपराध से लड़ने के लिए अब साइबर पुलिस ने अलग से तैयारी की है। जिले में साइबर कमांडो तैनात किए जाएगें। प्रदेश स्तर पर इनके प्रशिक्षण के लिए बागपत पुलिस से आवेदन मांगे गए हैं। आगे चलकर साइबर योद्धाओं की यह फौज साइबर अपराधियों से मुकाबला करने में सक्षम होगी। हालांकि, अभी जोन में तैनात साइबर कमांडो की जिले में मदद ली जाती है। जिले में हर साल करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक की लोगों के साथ ठगी हो रही है। इसके अलावा हर साल साइबर अपराध की शिकायतें भी बढ़ रही है। शायद ही कोई सप्ताह ऐसा गुजरता है, जिसमें साइबर अपराधी सीधे-साधे लोगों को अपने चंगुल में न फंसाते हो। साइबर थाने के साथ ही जनपद के सभी थानों पर पीड़ितों के मुकदमे दर्ज हो रहे है। पिछले पांच माह की बात करें, तो अब तक 60 से अधिक मुकदमे साइबर ठगी के दर्ज हो चुके है। साइबर ठगों पर प्रहार करने के लिए अब साइबर कमांडों नियुक्त किए जाएंगे, जो जागरूकता के साथ ठगों को गिरफ्तार भी करेंगे。
साइबर कमांडो से यह होंगे मुख्य फायदे
साइबर अपराध में कमी: तेजी से तकनीकी जांच से अपराधियों में खौफ और अपराध दर में कमी।
रुपये की रिकवरी: फ्रॉड के तुरंत बाद खातों को फ्रीज कराकर जनता की मेहनत की कमाई की सुरक्षा।
राष्ट्रीय सुरक्षा: देश के डिजिटल ढांचे को विदेशी या राज्य-प्रायोजित साइबर हमलों से सुरक्षित रखना।
विशेषज्ञ जांच: जटिल तकनीकी मामलों को सुलझाने के लिए अनुभवी और प्रशिक्षित अधिकारियों की उपलब्धता।
साइबर कमांडों यह करेंगे काम
वैज्ञानिक जांच: ये विशेषज्ञ केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर न रहकर डिजिटल साक्ष्यों पर जांच करेंगे।
फॉरेंसिक विश्लेषण: ये क्राइम सीन को सुरक्षित रखने और डिजिटल सबूत इकट्ठा करने में माहिर होंगे।
साइबर अपराधियों का पता लगाना: ये साइबर ट्रैकिंग और फॉरेंसिक टूल्स का उपयोग करके ऑनलाइन छिपे अपराधियों को ट्रैक करेंगे।
अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण: ये प्रशिक्षित ऑफिसर अपने-अपने जिलो में लौटकर अन्य पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध की जांच ट्रेनिंग देंगे।
इस पहल से यह मिलेगा लोगों को लाभ
तेज जांच और अपराधी की गिरफ्तारी: जिले स्तर पर विशेषज्ञ होने से साइबर मामलों की जांच तेज होगी और अपराधियों के बचने की संभावना कम हो जाएगी।
डिजिटल सबूतों की सुरक्षा: ये एक्सपट्र्स यह सुनिश्चित करेंगे कि शुरुआती जांच में ही सबूत सही तरीके से सुरक्षित किए जाएं, जिससे दोषसिद्धि की दर बढ़ेगी।
स्थानीय स्तर पर समाधान: अब साइबर अपराध की शिकायतों के लिए केवल बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा,जिले में विशेषज्ञ होंगे।
त्वरित प्रतिक्रिया: साइबर हमले या वित्तीय फ्रॉड होने पर तुरंत डिजिटल साक्ष्य जुटाना और कार्रवाई करना।
डिजिटल फॉरेंसिक और जांच: हाई-प्रोफाइल डिजिटल मामलों में तकनीकी गहराई से जांच करना।
संदिग्धों की पहचान: सस्पेक्ट रजिस्ट्री और कोऑर्डिनेशन पोर्टल के जरिए फर्जी बैंक खातों और अपराधियों को ट्रैक करना।
सुरक्षा ऑडिट: सरकारी और महत्वपूर्ण आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा जांच करना।
कोट-
साइबर कमांडो के लिए आंवेदन मांगे गए थे। साइबर सेल द्वारा आवेदन प्रदान किए गए है। इनकी परीक्षा होगी। इसके बाद प्रशिक्षण होगा।
सूरज कुमार राय, एसपी बागपत
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