एंटीकरप्शन ने लेखपाल को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा

Newswrap हिन्दुस्तान, बागपत
share

Bagpat News - बागपत तहसील में एक लेखपाल को ढिकौली के किसान से 3500 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। किसान ने अपने पिता की जमीन में नाम दर्ज करने के लिए रिश्वत की शिकायत की थी। एंटीकरप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए...

एंटीकरप्शन ने लेखपाल को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा

बागपत तहसील में तैनात लेखपाल शुक्रवार को ढिकौली के किसान से 3500 रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा गया। यह रिश्वत लेखपाल जमीन में नाम चढ़ाने के लिए मांग रहा था। एंटीकरप्शन टीम ने लेखपाल से घंटों तक पूछताछ की। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराते हुए उसे कोतवाली पुलिस के सौप दिया। ढिकौली गांव के रहने वाले नीरज ढाका के पिता की पिछले दिनों मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद नीरज ने लेखपाल को जमीन में नाम दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। नीरज का आरोप है कि हल्का लेखपाल विनोद कोरी उससे जमीन में नाम दर्ज करने लिए 3500 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। इसके बाद उसने मेरठ की एंटीकरप्शन टीम को लेखपाल की शिकायत की। शुक्रवार को एंटीकरप्शन की टीम इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में बागपत पहुंची। सुबह करीब 11 बजे नीरज ढाका ने लेखपाल को 3500 रुपये दिए, तो टीम ने तुरंत ही लेखपाल को दबोच लिया और उसे रिश्वत के 3500 रुपये के साथ बागपत कोतवाली ले आई। बागपत कोतवाली पर टीम ने घंटों तक लेखपाल से पूछताछ की। इसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए बागपत कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कोतवाली प्रभारी डीके त्यागी का कहना है कि एंटीकप्शन टीम ने लेखपाल को रिश्वत लेते पकड़ा है। एंटीकप्शन टीम ने ही लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शनिवार को रिश्वत लेने के आरोपी लेखपाल को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

--------

Voice of UP

लेखपालों ने कोतवाली पर जमाया डेरा

बागपत तहसील में तैनात लेखपालों को जैसे ही पता चला कि उनके साथ लेखपाल विनोद कोरी को एंटीकप्शन टीम ने पकड़ लिया है, तो कोतवाली पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने किसानों के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि किसान ने साजिश के तहत विनोद कोरी को फंसाया है। पैसे विनोद कोरी ने पकड़े नहीं थे, बल्कि किसान ने उसकी जेब में जबरन डाले थे। जैसे ही विनोद कोरी ने पैसों को जेब से निकाला, तो एंटीकप्शन टीम ने लेखपाल को पकड़ लिया। वहीं, एंटीकप्शन टीम का कहना है कि पिछले कई दिनों से लेखपाल किसान पर रिश्वत में 35 सौ रुपये देने का दवाब बना रहा था। बगैर पैसे लिए वह किसान का काम नहीं कर रहा था। दो दिन पहले किसान ने टीम को सूचना दी। जिस पर शुक्रवार को कार्रवाई की गई।

--------

फिर बाहर निकला रिश्वतखोरी का जिन्न

बागपत जनपद में अधिकारियों ओर कर्मचारियों पर रिश्वत लेने के आरोप लगते रहते है। करीब चार साल पहले खेकड़ा तहसील का एक लेखपाल बसी गांव के किसान से रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा गया था। एंटीकप्शन टीम ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। खेकड़ा में ही एक बैंक शाखा के कर्मचारी को सीबीआई की एंटीकप्शन टीम ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। बागपत की जिला पंचायत में तैनात एक बाबू को भी करीब एक साल पहले एंटीकप्शन टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था। शुक्रवार को बागपत तहसील में तैनात लेखपाल रिश्वत लेते पकड़ा गया। इसी तरह बड़ौत तहसील क्षेत्र में भी एंटीकप्शन टीम सरकारी कर्मचारियों को फरियादियों से रिश्वत लेते पकड़ा जा चुका है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।