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चित की वृत्तियों का नियंत्रण ही योग है: प्रीतम सिंह

आर्य समाज बड़ौत व आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय द्वारा आयोजित साप्ताहिक यज्ञों का आयोजन किया गया। जिसमे विद्वानों द्वारा आर्य समाज सभा को संबोधित...

चित की वृत्तियों का नियंत्रण ही योग है: प्रीतम सिंह
हिन्दुस्तान टीम,बागपतSun, 16 Jun 2024 10:35 PM
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आर्य समाज बड़ौत व आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय द्वारा आयोजित साप्ताहिक यज्ञों का आयोजन किया गया। जिसमे विद्वानों द्वारा आर्य समाज सभा को संबोधित किया गया। सभा के दौरान आर्य जनों ने मानव जीवन में योग का महत्व विस्तार से समझाया

प्रीतम सिंह आर्य ने कहा कि योग एक आंतरिक, आध्यात्मिक विज्ञान है, जो चित,शरीर, आत्मा को जोड़ता है। योग का मुख्य संबंध चित के नियंत्रण से हैं। पतंजलि ने योग को योग चित कृति निरोध: के रूप में प्रमाणित किया है। चित की वृत्तियों का नियंत्रण ही योग है। आर्य समाज बड़ौत द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्रह्मा समर भानु आचार्य व यजमान वीरपाल रहें। पट्टी चौधरान आर्य समाज द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म सोमेन्द्र सिंह व यजमान प्रेमसिंह राणा रहे। इस दौरान डा.ओमवीर आर्य, डा. हरपाल सिंह, सत्यपाल पथौलिया, जसवीर मलिक, हरवीर सिंह, राजेन्द्र सिंह, देवव्रत शास्त्री, वेदपाल आर्य आदि मौजूद रहे।

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