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20 सितम्बर, 2020|10:58|IST

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लॉकडाउन में अटका गांव-गांव सामुदायिक शौचालयों का निर्माण

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कोरोना से चल रही जंग में देशभर की अर्थव्यवस्था बिगड़ गई है तो हर काम की गति पूरी तरह थम गई है। जिसके चलते जारी लॉकडाउन में गांव-गांव सामुदायिक शौचालयों का निर्माण भी अटक गया है। जिले की 245 ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण 31 मार्च तक पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन कोरोना वायरस के लॉकडाउन के कारण सामुदायिक शौचालयों का निर्माण अटक कर रह गया, जिसे पूरा कराने के लिए लॉकडाउन में छूट का इंतजार चल रहा है।

शासन ने फरवरी माह में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए हर गांव पंचायत में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने के आदेश जारी किए थे। जिनका निर्माण गांव में ऐसे स्थान पर किया जाएगा, जहां शौचालय नहीं है। इसके अलावा चयनित स्थल लाभ प्राप्त करने वाली आबादी से समुचित दूरी पर हो। इन शौचालयों पर दो-दो लाख रुपये खर्च किए जाने थे।

इसमें प्रथम सामुदायिक शौचालय का निर्माण केंद्र सरकार की ओर से पीआईजीएफ की धनराशि और दूसरे निर्माण 14 वें वित्त आयोग की धनराशि से किया जाना है। शासन ने 31 मार्च तक सभी सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूर्ण करने के आदेश जारी किए, लकिन शौचालयों का निर्माण बीच अधर में अटक गया, क्योंकि कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन जारी कर दिया। जिससे अब जिले की 245 ग्राम पंचायतों में काम पूरा बंद है।

सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराना पहली प्राथमिकता

डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र का कहना है कि ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में काम नहीं चल रहा और लॉकडाउन खत्म होते ही ग्राम पंचायत निधि से बनने वाले एक-एक शौचालय का निर्माण करा दिया जाएगा और दूसरे का उसके बाद पूर्ण होगा।

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  • Web Title:Construction of village-village community toilets stuck in lockdown