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सर्दी बढ़ते ही कोल्ड डायरिया की चपेट में आये बच्चे

जिले में ठंड का असर तेज होने के कारण बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें उल्टी-दस्त के साथ बुखार की शिकायत है। गुरुवार को दर्जन भर...

सर्दी बढ़ते ही कोल्ड डायरिया की चपेट में आये बच्चे
हिन्दुस्तान टीम,बागपतFri, 08 Dec 2023 12:10 AM
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जिले में ठंड का असर तेज होने के कारण बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें उल्टी-दस्त के साथ बुखार की शिकायत है। गुरुवार को दर्जन भर बच्चों को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया।

जिले का तापमान रात के समय 11 डिग्री के आसपास चल रहा है। इसके अलावा ठंडी हवाएं भी चल रही हैं। बीते कुछ दिनों में अस्पताल में सर्दी, खांसी, निमोनिया के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। अब मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि एक-दो दिन के भीतर पारा 10 डिग्री व उससे नीचे भी पहुंच सकता है। इस स्थिति में जिले में कोल्ड अटैक के मामले आने की आशंका बढ़ गई है। ठंड सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों को चपेट में ले रही है। सुबह कोहरे के साथ ही तेज व ठंडी हवाओं के चलने से मौसम में गलन व ठिठुरन बढ़नी शुरू हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में इस समय सबसे ज्यादा मरीजों के रूप में छोटे बच्चे व बुजुर्ग पहुँच रहे है। निजी अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज आ रहे है। वहीं सरकारी अस्पतालों में भी प्रतिदिन 400 लोगों की ओपीडी आ रही है जिनमे से 200 की संख्या बच्चों की है।

वहीं सर्दियों में प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है, ओस से नम होकर दूषित धूलकण नीचे आ जाते हैं और वातावरण को दूषित करते हैं। इस दूषित हवा से बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है। बच्चों को इस वातावरण से सर्दी, जुकाम और सिर दर्द की शिकायत रहती है, काफी हद तक इससे अस्थमा की परेशानी होने का खतरा भी रहता है। बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, इसलिए उनकी सेहत पर पॉल्यूशन का असर ज्यादा होता है।

क्या कहते हैं चिकित्सक?

ठंड का सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बड़ों से अधिक बच्चों पर कोल्ड अटैक हो रहा है। इसके लिए ठंड के दिनों में नवजात और मासूम बच्चों को लेकर कहीं सफर नहीं करना चाहिए। सुबह शाम ऊनी कपड़े पहनाएं। जरा सी भी लापरवाही उनके लिए भारी पड़ सकती है। उल्टी-दस्त होने पर तुरंत नजदीक के डाक्टर को दिखाएं। दिन में बच्चों को धूप में रखें। - डॉ अभिनव तोमर, बाल रोग विशेषज्ञ।

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