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छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए शुरू हुआ अभियान

बागपत। शहर के लोगों को सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने हिंदुस्तान अभियान का हिस्सा बनते हुए कार्य शुरू कर दिया है।...

छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए शुरू हुआ अभियान
हिन्दुस्तान टीम,बागपतFri, 14 Apr 2023 11:50 PM
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बागपत। शहर के लोगों को सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने हिंदुस्तान अभियान का हिस्सा बनते हुए कार्य शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इस सम्बंध में निर्देशित भी किया है। साथ ही नगर पालिकाओं, नगर पंचायत को अलग से जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हिंदुस्तान द्वारा छुट्टा पशुओं से होने वाली परेशानी, व्यवस्था, असुविधा को लेकर अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान का हिस्सा बनते हुए अब जिला प्रशासन ने इन छुटा पशुओं को सड़क से हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी राजकमल यादव पहले ही सभी अधिकारियों को मीटिंग लेकर इस सम्बंध में दिशा निर्देश दे चुके हैं। नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर पालिका परिषद व्यापक स्तर पर अभियान शुरू भी कर दिया है। पशु पालन विभाग, गो रक्षकों व नप कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा सड़कों पर डेरा जमाकर बैठे छुट्टा पशुओं को चिन्हित कर उन्हें विभिन्न गौशालाओं में छोड़ने की तैयारी शुरु कर दी है। बड़ौत नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनुज कौशिक ने बताया कि टीम द्वारा 30 सांडों को जगह-जगह से पकड़ गौआश्रय भिजवाया जा चुका है।

दरअसल, आवारा पशुओं से कोई कोई दुर्घटना होती रहती है, जिसमें जान-माल की हानि होने का भी अंदेशा बना रहता है। उन्होंने बताया कि इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर आवारा पशुओं को पकड़वाकर विभिन्न गोशालाओं में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।

आवारा पशु बने परेशानी का सबब

बागपत। जनपद के पशुपालन विभाग अनुसार इस समय जिले में 23 गौ-आश्रय(गोशालाएं) हैं जिनमें विभाग दावा करता है कि 4517 गौवंश मौजूद हैं। इनमे 1730 नर व 1631 मादाएं शामिल हैं। जिनके अलावा जनपद में 16 गौ-आश्रय निजी तौर भी संचालित हैं। विभाग के मुताबिक, गोशालाओं में पशुओं के इंतजाम किए गए हैं। कहने को तो ये सभी गौवंश गौशालाओं में हैं, लेकिन वास्तविकता कोसों दूर हैं। अधिकांश गौवंश (नर) सड़कों पर हैं या किसानों के खून पसीने की कमाई से उगाई फसल को बर्बाद करने के लिए खेतों में। 2000 से ज्यादा आवारा सांड सड़कों पर जगह-जगह विचरण करते रहते हैं जो सबसे अधिक चिंता का कारण बने हैं।

इन स्थानों पर होती है सबसे अधिक दिक्कत

- सोनीपत बस स्टैंड बागपत

- शौकत मार्किट

- राष्ट्रवन्दना चौंक

- गौरीपुर मोड़

- सरूरपुर

- रोडवेज बस डिपो (709बी हाइवे)

- दिल्ली बस स्टैंड

- कैनाल रोड, भगवान महावीर मार्ग

- बावली

- किशनपुर बराल

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