Budget ends women s helpline 181 car wheel stops - बजट खत्म, थम गया महिला हेल्पलाइन 181 की गाड़ी का पहिया DA Image
10 दिसंबर, 2019|9:51|IST

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बजट खत्म, थम गया महिला हेल्पलाइन 181 की गाड़ी का पहिया

तेजी से बढ़ते जा रहे महिला उत्पीड़न के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए शासन से संचालित महिला हेल्पलाइन 181 नंबर की गाड़ी अब बजट के इंतजार में विकास भवन परिसर में खड़ी है। 23 जुलाई को बजट खत्म होने के बाद से महिला हेल्पलाइन की गाड़ी का पहिया थमा हुआ है, जिसका नतीजा यह है कि अब शिकायत करने वालों को कार्यालय बुलवाकर ही उनकी सुनवाई की जा रही है। गाड़ी के लिए बजट नहीं आने के कारण हेल्पलाइन कर्मियों व फरियादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला हेल्पलाइन की गाड़ी के खर्चे के लिए बजट नहीं आने के कारण महिला उत्पीड़न के मामलों का भी समाधान नहीं हो पा रहा।

महिलाओं को न्याय दिलाने व उत्पीड़न के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सितंबर 2018 में महिला हेल्पलाइन 181 नंबर की शुरुआत की थी। जिसके चलते बागपत जनपद के लिए तीन सदस्यों कीटीम केसाथ एक गाड़ी मुहैय्या कराई गई थी। गाड़ी से हेल्पलाइन की टीम शिकायत मिलने पर शिकायतकर्ता के पास जाकर उनकी समस्या का समाधान कराने का काम किया जाता है।

लखनऊ मुख्यालय की और से महिला हेल्पलाइन की गाड़ी को प्रतिमाह 60 लीटर पेट्रोल उपलब्ध कराया जाता था, जिसके लिए अलग से बजट भेजा जाता था। जानकारी के अनुसार 23 जुलाई को महिला हेल्पलाइन की गाड़ी के लिए भेजा गया बजट खत्म हो गया, जिसके बाद बजट नहीं भेजा गया।

बजट नहीं मिलने के कारण महिला हेल्पलाइन की टीम के सामने समस्याएं खड़ी हो गई, अब महिला हेल्पलाइन की टीम न तो फरियादियों कीसमस्या का समाधान कराने के लिए न तो मौके पर जा रही है और न ही किसी अन्य जागरुक कार्यक्रम में शामिल हो पा रही है। पिछले 15 दिनों से महिला हेल्पलाइन कीगाड़ी का पहिया थमा हुआ है। जिसकी डिमांड भी मुख्यालय को भेज दी गई है, लेकिन अभी तक मुख्यालय से बजट नहीं जारी किया जा सका। बजट नहीं आने का खामियाजा फरियादियों कोउठाना पड़ रहा है। 181 नंबर पर शिकायत करने के बाद अपनी समस्या सुनाने के लिए फरियादी कार्यालय तक आने को मजबूर हो गए है।

पेट्रोल कार्ड का किया जाता है रिचार्ज

महिला हेल्पलाइन की गाड़ी के लिए मुख्यालय से पेट्रोल कार्ड जारी किया गया है। जब भी गाड़ी में पैट्रोल डलवाने की जरूरत होती है तो गाड़ी की रीडिंग का फोटो मुख्यालय पर भेजा जाता है और उसके बाद पेट्रोल कार्ड रिचार्ज होने पर पेट्रोल डलवाया जाता है।

दो महीने से हेल्पलाइन कर्मियों का भी वेतन नहीं आया

महिला हेल्पलाइन कर्मचारी रश्मि, खुशनसीब व रीता ने बताया कि जून व जुलाई माह का वेतन भी उन्हें अभी तक नहीं दिया गया, जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। बताया कि तीनों को मुख्यालय से प्रतिमाह 60 हजार रुपये वेतन दिया जाता है। इसके अलावा गाड़ी का बजट भी खत्म होने की जानकारी दे दी गई है।

महिला हेल्पलाइन के मुख्यालय पर गाड़ी व कर्मियों केवेतन केलिए बजट भेजने के लिए डिमांड भेज दी गई है। अब मुख्यालय से बजट जारी होने के बाद महिला हेल्पलाइन की गाड़ी शुरू करा दी जाएगी।

विमल कुमार ढाका, प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी, बागपत।

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