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बीएसएफ जवान की पत्नी व पिता ने खाया जहरीला पदार्थ

दाहा। बामनौली गांव में मंगलवार को भूमि की मापतौल करने गई चकबंदी विभाग व पुलिस टीम के सामने ही बीएसएफ जवान की पत्नी व पिता ने जहरीला पदार्थ निगल...

बीएसएफ जवान की पत्नी व पिता ने खाया जहरीला पदार्थ
हिन्दुस्तान टीम,बागपतTue, 20 Feb 2024 11:50 PM
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दाहा। बामनौली गांव में मंगलवार को भूमि की मापतौल करने गई चकबंदी विभाग व पुलिस टीम के सामने ही बीएसएफ जवान की पत्नी व पिता ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। पुलिस ने दोनों को बड़ौत सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहीं दो लोगों द्वारा जहरीला पदार्थ निगलने पर अधिकारियों में हड़कंप मचा है।

बामनौली गांव में मंगलवार को एसीओ चकबंदी कुंवर मौहम्मद अब्दुल्ला, कानूनगो चंद्रपाल आदि पुलिस टीम के साथ अनुज पुत्र महिपाल व ब्रजराज पुत्र रामनिवास को उनकी भूमि की पैमाईश कर कब्जा दिलाने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने गांव के ही राधेश्याम पुत्र रिसाल के कब्जे की भूमि पर पैमाईश कार्य शुरू किया। इस कार्रवाई के खिलाफ बीका पत्नी नीरज ने इसका विरोध कर जहरीला पदार्थ निगल लिया। वह जमीन पर गिर गई इसके तुरंत बाद ही राधेश्याम भी जहर खाकर जमीन पर गिर पड़ा। बताया गया कि राधेश्याम का बेटा नीरज बीएसएफ में है। पुलिस ने महिला व उसके ससुर को उपचार के लिए बड़ौत सीएचसी में भर्ती कराया गया जहां से उनकी हालत गम्भीर देखते हुए चिकित्सक ने उन्हें मेरठ रैफर कर दिया।

550 मीटर भूमि से कब्जा हटवा रही थी टीम

दाहा। एसीओ चकबंदी कुंवर मौहम्मद अब्दुल्ला ने बताया कि वे डीएम बागपत के आदेश पर उक्त भूमि की मापतौल कराने गए थे। 550 मीटर भूमि की मापतौल कर उस पर से कब्जा हटवाने गए थे। बताया कि डीडीसी के यहां से ब्रजराज के पक्ष में फैंसला आया था, जिसके आधार पर जमीन की पैमाईश कराने टीम गई थी।

हाईकोर्ट के फैंसले के बाद हो कार्रवाई

पीड़ित पक्ष ने बताया कि इस फैसले के खिलाफ राधेश्याम पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील कर रखी है। वह पक्ष चाहता है कि हाईकोर्ट से जो फैंसला होगा, उसे ही माना जाए। वहीं इस सम्बंध में थानाध्यक्ष दोघट सोनवीर सिंह सोलंकी ने बताया कि महिला व उसके ससुर को बड़ौत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां से उन्हें बागपत रेफर कर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि दोनो की हालत खतरे से बाहर है।

चकबंदी का चक्रम: अनुज ने भी जहर खाकर जान देने का किया था प्रयास

बड़ौत। बामनौली गांव में पिछले कई वर्षों से चकबंदी प्रकिया चल रही है। किसान अनुज अपनी भूमि की मापतौल कराने के लिए सालों से चकबंदी कार्यालय के चक्कर काट रहा था। बताया कि 2018 में उनकी जमीन चकबंदी में राधेश्याम को चली गई थी। प्रशासन द्वारा कब्जा दिला दिया गया था। उस समय अनुज ने कब्जा न छोड़ने के लिए आग लगाकर जान देने का प्रयास किया था। इसके बाद भी राधेश्याम को कब्जा दिला दिया गया था। पांच साल तक अनुज इंसाफ के लिए चक्कर काटता रहा। इंसाफ नहीं मिलने पर उसने 11 दिसंबर 2023 में अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए तहसील में चकबंदी विभाग के कार्यालय में जहर निगल लिया था। उसे गंभीर हालत में नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। एक साल पहले अनुज के पक्ष कोर्ट से फैसला आ गया था, लेकिन चकबंदी अधिकारी उसे कब्जा नहीं दिला रहे थे।

20बाग13 बामनौली गांव में जहरीला पदार्थ निगलने के बाद अस्पताल में भर्ती बीका

20बाग14 बामनौली गांव में जहरीला पदार्थ निगलने के बाद अस्पताल में भर्ती राधेश्याम

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