पहले पेज के लिये- दिव्यांग को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, मौत
संक्षेप: Bagpat News - खैला मोड़ पर शराब पीते समय हिस्ट्रीशीटर हरेंद्र के भाई दीपक पहलवान ने दिव्यांग प्रमोद की हत्या कर दी। प्रमोद को पेड़ से बांधकर पिटाई की गई और बाद में उसे बोरे में बंद कर ईपीई किनारे फेंक दिया गया। पुलिस...
खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र के खैला मोड़ पर शराब पीते समय विवाद होने पर हिस्ट्रीशीटर हरेंद्र के भाई दीपक पहलवान ने अपनी एक साथी के साथ मिलकर गांव के दिव्यांग व्यक्ति की पिटाई कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि घायल अवस्था में दिव्यांग को पेड़ से बांधकर रखा, मृत समझकर तड़के बोरे में बंद कर बाइक से ईपीई किनारे डाल आए। इसकी जानकारी खुद आरोपियों ने दिव्यांग के परिजनों को घर पर पहुंचकर दी। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। वहीं पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। चांदीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम खैला निवासी दिव्यांग 40 वर्षीय प्रमोद उर्फ फिरोज पुत्र रामपाल अविवाहित था।
प्रमोद के पिता ने अपनी जमीन में मार्केट बनाकर किराये पर दुकानें दे रखी हैं। बताया जाता है कि प्रमोद उर्फ फिरोज अक्सर मार्केट में ही सोता था। गुरुवार की सुबह गांव का ही दीपक और अमित प्रमोद के घर पहुंचे और उन्हें प्रमोद के घायल होने की जानकारी दी। जिसके बाद परिजन ग्रामीणों के साथ मार्केट पर पहुंचे, तो वहां प्रमोद नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने प्रमोद की तलाश शुरू की, तो वह लहचौड़ा गांव जंगल में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। परिजन आनन-फानन में प्रमोद को उपचार के लिए गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित नरेंद्र मोहन अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाला। बताया जा रहा है कि शराब पीने से रोकने पर दोनों आरोपियों ने प्रमोद की पेड़ से बांधकर पिटाई की। जिसके बाद आरोपी प्रमोद को बोरे में बंद कर ईपीई किनारे डाल आए। वहीं, मृतक के पिता रामपाल ने खेकड़ा कोतवाली पर दोनों आरोपियों दीपक और अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। ------- कोट- खैला गांव के युवक की हत्या की गई है। मृतक के पिता ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर हरेंद्र के भाई दीपक और अमित को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। दीपक पहलवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसके साथी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। प्रवीण सिंह चौहान, एएसपी बागपत -------- अन्दर का पैकेज : पैर तोड़ा, सिर को ईंटों से कूचा, बेरहमी की सारी हदें पार - हिस्ट्रीशीटर के भाई ने साथी के साथ मिलकर खौफनाक वारदात को दिया अंजाम - सिर, पेट, चेहरे और हाथ-पैरों पर चोटों के 30 से अधिक निशान बागपत, संवाददाता। खैला गांव के दिव्यांग प्रमोद उर्फ फिरोज की हत्या की वारदात को हत्यारोपियों ने बड़े ही खौफनाक तरीके से अंजाम दिया। हिस्ट्रीशीटर के भाई ने अपने साथी के साथ मिल दिव्यांग के चेहरे और सिर को ईंटों से हमलाकर बुरी तरह कूचा। इसके बाद धारदार हथियार से हमलाकर पैर तोड़ा। पेट में भी नुकीले हथियार से हमला किया। इतना ही नहीं पेड़ से बांधकर पीटा और फिर तड़पते हुए दिव्यांग को बोरे में बंद कर ईपीई किनारे फेंक डाला। जिसने भी दिव्यांग प्रमोद को तड़पता देखा, उसका ही कलेजा पसीज गया। खैला गांव का रहने वाला दिव्यांग प्रमोद उर्फ फिरोज अविवाहिता था। अक्सर वह बड़ागांव मोड के पास स्थित अपनी मार्केट में सोया करता था। गत रात्री भी वह अपनी मार्केट पर ही सोया हुआ था। बताया जाता है कि देररात गांव के ही युवक दीपक पहलवान और अमित मार्केट पर पहुंचे और वहां शराब गटकने लगे। शराब का नशा छाने के बाद किसी बात को लेकर उनका प्रमोद से विवाद हो गया। जिसके बाद दीपक पहलवान और अमित ने प्रमोद के सिर पर ईंटों से हमला करना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले के बाद प्रमोद खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया। इसके बाद दोनों हत्यारोपियों ने प्रमोद के चेहरे, सीने और पेट पर भी ईंट से हमला किया। इसके बाद धारदार हथियार से हमलाकर प्रमोद का पैर तोड़ डाला। हत्यारोपियों की क्रूरता यहीं नहीं रूकी। इसके बाद दोनों ने प्रमोद को रस्सी के जरिए पेड़ से बांधा और फिर लाठी-डंड़ों से हमला किया। दोनों हत्यारोपियों को जब लगा कि प्रमोद उर्फ फिरोज की मौत हो गई है, तो उन्होंने उसे बोरे में बंद किया और लहचौड़ा गांव जंगल में ईपीई किनारे फैंककर गांव पहुंच गए। शुक्रवार की सुबह जब परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो खून से लथपथ प्रमोद उर्फ फिरोज अपनी जिंदगी की आखिरी सांसे गिन रहा है। परिजन आनन-फानन में उसे उपचार के लिए गाजियाबाद के नरेंद्र मोहन अस्पताल में ले गए, लेकिन प्रमोद की वहां मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि ईंटों से सिर कूचने के बाद हत्यारोपियों ने प्रमोद को चाकू भी घोंपा है। परिजनों ने बताया कि प्रमोद के शरीर पर चोट के 30 से अधिक निशान मिले है। पैर के साथ सिर की हड्डी भी टूटी मिली है। ------- सबूत मिटाने का किया प्रयास परिजनों ने बताया कि प्रमोद को हमलाकर घायल करने के बाद दोनों हत्यारोपी बाइक उठाकर लाए। जिसके बाद प्रमोद को बोरे में बंद किया। इसके बाद बोरे को बाइक पर रखा और फिर घटनास्थल से खून के निशान साफ करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर वे बाइक लेकर लहचौड़ा गांव जंगल में पहुंचे और ईपीई किनारे प्रमोद को फेंककर फरार हो गए। इसके बाद घर पहुंचे और प्रमोद के गुम होने की जानकारी दी। ----- शराब पीने से मना करने पर की मारपीट ग्रामीणों ने बताया कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगा है, उन्हें मृतक ने अपनी दुकान के समीप शराब पीने से मना किया था। जिसे लेकर उन्होंने उसके साथ मारपीट भी की थी। गुरुवार की रात भी दोनों युवक प्रमोद की मार्केट में शराब पीने के लिए पहुंचे थे। शायद शराब पीने के बाद ही उनका प्रमोद से किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा, जिसके बाद उन्होंने उसकी हत्या कर दी। ------ पुलिस टीम और परिजन मौके पर पहुंचे एएसपी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे पीआरवी 2960 को सूचना मिली कि खैला मोड़ पर स्थित दुकान के बाहर खून के निशान हैं और दुकान मालिक प्रमोद उर्फ फिरोज गायब हैं। सूचना मिलते ही थाना खेकड़ा पुलिस और पीआरवी टीम मौके पर पहुंची। इसी दौरान, दूसरी सूचना मिली कि ग्राम लहचौड़ा थाना चांदीनगर क्षेत्र के जंगल में एक व्यक्ति गंभीर अवस्था में पड़ा है। पुलिस टीम और परिजन मौके पर पहुंचे, तो घायल की पहचान प्रमोद उर्फ फिरोज के रूप में हुई। ------- भैयादूज पर इकलौती बहन को दिया था सुरक्षा का वचन रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि प्रमोद अविवाहिता था। वह अपनी बहन भोली से बहुत प्यार करता था। गुरुवार की दोपहर ही प्रमोद ने भैयादूज के मौके पर भोली से टीका लगवाया था। जिसके बाद उसने भोली को उपहार भेंट करते हुए उसे जीवनभर सुरक्षा का वचन भी दिया था, लेकिन भोली को यह नहीं पता था कि जिस भाई के माथे पर आज वह टीका कर रही है, उसे दोबारा कभी टीका नहीं कर पाएगी। रोती-बिलखती बहन भोली बार-बार यहीं कहते हुए बेहोश होती रही। ग्रामीणों ने बताया कि रामपाल के तीन पुत्र और एक पुत्री है। ------ सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई वारदात लोगों ने बताया कि प्रमोद उर्फ फिरौज ने मार्केट में सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए थे। जिस पर हत्यारोपियों ने वारदात को अंजाम दिया, उस समय कैमरे चालू थे। जिसमें पूरी वारदात कैद हुई है। मृतक के भाई ने बताया कि शुक्रवार की सुबह मार्केट पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर को कब्जे में ले लिया, जिसमें दोनों हत्यारोपी वारदात को अंजाम देते नजर आ रहे है। वहीं, घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी खून व मिट्टी आदि के नमूने लिए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। ------- डबल मर्डर में जेल जाने से बचा था दीपक पहलवान ग्रामीणों ने बताया गत वर्ष मंसूरपुर गांव जंगल में जीजा-साले की हुई हत्या की वारदात में दीपक पहलवान का नाम भी सामने आया था, लेकिन तब वह बच गया था। पुलिस ने उसके हिस्ट्रीशीटर भाई हरेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, ग्रामीणों और पुलिस के अनुसार दीपक पहलवान के खिलाफ गाजियाबाद जिले में लूट आदि अपराधों के कई मुकदमे दर्ज है। एक बैंक मैनेजर की भी कार दीपक ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूटी थी। -------

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