Bhim Armaan s Vishas Surendra left the village in panic - दहशत में भीम आर्मी के विस अध्यक्ष सुरेन्द्र ने छोड़ा गांव DA Image
20 फरवरी, 2020|5:22|IST

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दहशत में भीम आर्मी के विस अध्यक्ष सुरेन्द्र ने छोड़ा गांव

दहशत में भीम आर्मी के विस अध्यक्ष सुरेन्द्र ने छोड़ा गांव

1 / 2भीम आर्मी के विधानसभा अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने दहशत में पुत्र, पुत्री और भांजी के साथ गांव छोड़ दिया...

दहशत में भीम आर्मी के विस अध्यक्ष सुरेन्द्र ने छोड़ा गांव

2 / 2भीम आर्मी के विधानसभा अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने दहशत में पुत्र, पुत्री और भांजी के साथ गांव छोड़ दिया...

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भीम आर्मी के विधानसभा अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने दहशत में पुत्र, पुत्री और भांजी के साथ गांव छोड़ दिया है। उसने अपने मकान पर 'यह मकान बिकाऊ है' का बोर्ड भी लगवा दिया है। उसके परिवार के सात और लोगों ने भी अपने मकानों पर इसी तरह के बोर्ड लगाए हैं। दीवारों पर भी मकान बिकाऊ है लिखवाया है।

हसनपुर मसूरी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह भीम आर्मी के विधानसभा अध्यक्ष हैं। 16 अप्रैल को नूरपुर गांव के छह से अधिक युवकों ने उनपर गोलियां बरसाई थीं। एक गोली उनके हाथ में भी लगी थी। परिजन तभी उन्हें उपचार के लिए दिल्ली ले गए थे। सुरेंद्र के पुत्र संजय ने तभी खेकड़ा थाने पर हसनपुर मसूरी गांव के प्रधान सहित छह से अधिक युवकों के खिलाफ जानलेवा हमला करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

गत दो जुलाई को सुरेंद्र के पुत्र हरीश पर खेकड़ा जाते समय हमले का प्रयास किया गया था, जिससे सुरेंद्र और उसके परिजन दहशत में आ गए थे। इसी दहशत के चलते सुरेंद्र गांव छोड़कर चला गया। वह अपने साथ अपने पुत्र पम्मी, संजय और अजीत, पुत्री राखी और भांजी रीना को भी ले गया।

सुरेंद्र ने बताया कि वह मेरठ में किराए का मकान लेकर रह रहा है। उसकी पत्नी और एक पुत्र अभी गांव में है, वे मकान बेचकर मेरठ जाएंगे। इस संबंध में थानाध्यक्ष खेकड़ा अजय शर्मा का कहना है कि सुरेंद्र के पुत्र हरीश पर हमले के प्रयास की जांच चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीओ खेकड़ा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वे पता कराएंगे।

'यह मकान बिकाऊ है' के बोर्ड लगाए

सुरेंद्र ने अपने मकान पर 'यह मकान बिकाऊ है' का बोर्ड भी लगा दिया है। दीवारों पर भी 'यह मकान बिकाऊ है' लिखवा दिया। उसके परिवार के जयभगवान, रमेश, सुरेश, भूरे, गोपाल, करण और दुलारी आदि ने भी अपने मकानों पर 'यह मकान बिकाऊ है' लिखवा दिया है। इन सभी का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गांव का माहौल खराब चल रहा है। उनके लोगों पर अत्याचार किए जा रहे हैं, उनके साथ कभी भी कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है, इसलिए वे गांव छोड़कर जाना चाहते हैं।

यह है मामला

14 अप्रैल को हसनपुर मसूरी और नूरपुर मुजविदा गांव के दलित डा. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर जुलूस निकाल रहे थे। नूरपुर मुजविदा गांव में कुछ युवकों ने यात्रा को रुकवा दिया और नूरपुर गांव जाने वाली पुलिया को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बन गया था। इसी तनाव में 16 अप्रैल की सुबह नूरपुर गांव के छह से अधिक युवकों ने दलित सुरेंद्र पर फायर झोंके थे, जिसमें वह घायल हो गया था।

एससी/एसटी आयोग में एसपी और सीओ की शिकायत

भीम आर्मी के विधानसभा अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने एसपी बागपत और सीओ खेकड़ा सहित कई पुलिसकर्मियों की शिकायत एससी/एसटी आयोग में की है। सुरेंद्र का आरोप है कि पुलिस उसके मुकदमे के आरोपियों को बचाने में लगी है। ग्राम प्रधान का वह मुकदमे से नाम निकाल चुकी है। एक आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही है। वह उसे बचाने में लगी है, जबकि आरोपी उसे और उसके पुत्रों पर हमले का प्रयास कर रहे हैं। उसने एससी/एसटी आयोग के चेयरमैन से न्याय और सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई है।

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  • Web Title:Bhim Armaan s Vishas Surendra left the village in panic