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मोबाइल सिम बेचते-बेचते बन गया पेपर लीक कराने वाले गिरोह का सदस्य

हिन्दुस्तान टीम,बागपतNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 07:20 PM
मोबाइल सिम बेचते-बेचते बन गया पेपर लीक कराने वाले गिरोह का सदस्य

टीईटी परीक्षा का पेपर लीक कराने के तार बड़ौत से भी जुड़े है। एसटीएफ मेरठ ने नगर में जाट कॉलेज के सामने से एक जुते की दुकान करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। उसने दो लाख रुपये में पेपर खरीदा था। वह पर्चा उसे पचास-पचास हजार में अभ्यर्थियों को देना था। पकड़ा गया युवक अरविंद राणा गैंग का सदस्य है। उसके संपर्क में आते ही कुछ साल में करोडों की संपत्ति का मालिक बन बैठा।

टीईटी परीक्षा में पेपर लीक के मामले में एसटीएफ मेरठ ने शामली से मनीष उर्फ मोनू,रवि और धर्मेन्द्र को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में रवि ने बताया कि उसने अपने दोस्त राहुल चौधरी निवासी छछपुर जिला बागपत को दो लाख रुपये में लीक पेपर की काफी दी थी। राहुल को ये कापी पचास-पचास हजार रुपये में अभ्यर्थियों को देनी थी। सोमवार की देर रात एसटीएफ ने बड़ौत में दबिश देकर राहुल को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ बड़ौत थाने में विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मंगलवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया,जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सूत्रों की माने तो कुछ साल पहले राहुल ने नगर में जाट कॉलेज के सामने उसी मकान के नीचे दुकान में मोबाइल सिम बेचने की दुकान की थी,जिसकी ऊपरी मंजिल पर अरविंद राणा कोचिंग सेंटर चलाता था। वहीं से दोनों के बीच दोस्ती हो गई। राहुल भी उसके गैंग में काम करने लगा। अभ्यर्थियों से संपर्क करने का काम और उनसे रकम वसूलने का काम भी राहुल ही करता था। उसने अरविंद के गैंग में अपना ठीक मुकाम बना लिया। बताया जा रहा है कि अरविंद राणा के पकडे जाने के बाद राहुल ही उसके गैंग को संचालित कर रहा था। धीरे-धीरे राहुल का कद बढ़ने लगा। उसे सिम की दुकान बंद कर उससे ही कुछ दूरी पर ब्रांडेड जूते-चप्पलों की दुकान कर ली। हाल में उसके नगर में जूतों के दो बड़े शोरूम है। इसके अलावा उसका एक मकान भी है। वह कुछ ही साल में करोडों की संपत्ति का मालिक बन गया। सीओ हरीश भदौरिया ने बताया कि राहुल के खिलाफ एसटीएम ने धारा 420,467,468 व 471 में रिपोर्ट दर्ज की है।

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