DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची मारामारी

वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची मारामारी

1 / 3- सरकारी बैंकों पर लटके मिले ताले, उठानी पड़ी परेशानी बैंक---- वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची मारामारीबैंक---- वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची...

वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची मारामारी

2 / 3- सरकारी बैंकों पर लटके मिले ताले, उठानी पड़ी परेशानी बैंक---- वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची मारामारीबैंक---- वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची...

वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची मारामारी

3 / 3- सरकारी बैंकों पर लटके मिले ताले, उठानी पड़ी परेशानी बैंक---- वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची मारामारीबैंक---- वेतन वृद्धि को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से मची...

PreviousNext

वेतन व भत्ते में बढ़ोत्तरी के लिए बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल ने लोगों के होश उड़ाकर रख दिए। बैंक न खुलने के कारण लोगों को ट्रांजेक्शन से लेकर कैश निकालने तक की परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी बैंको पर ताले लटके रहे। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को भी हड़ताल जारी रहेगी, शुक्रवार से ही बैंक का कार्य शुरू हो पाएगा।

बुधवार को देश के सभी सरकारी बैंको के अलावा कुछ निजी बैंकों के कर्मचारियों ने वेतन व भत्ते में बढ़ोत्तरी के लिए दो दिनो तक हड़ताल पर चले गए है। जिस कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ एंडिया, सहकारी बैंक आदि सरकारी व कुछ निजी बैंकों पर दिनभर ताला लटका रहा। हड़ताल से जनपद की बैंकिंग व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। बता दे कि सरकारी बैंक अपना काम चलाने के लिए जहां सरकार से अतिरिक्त वित्तीय मदद मांग रहे है, वही ऐसे में कर्मचारियों से हड़ताल पर जाने से बैंको पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।

जनपद के अनेक सरकारी व गैर सरकारी बैंको पर दिनभर ताला लटका रहा, जिससे लोगों को ट्रांजेक्शन से लेकर कैश की किल्लत झेलनी पड़ी। दिनभर में अनेक लोग बैंक से पैसे निकालने के लिए पहुंचे मगर एटीएम में कैश व होने व बैंक पर ताला लटका होने से मायूस होकर अपने घर वापस लौट गए। आगामी दो दिनों तक लोगों को पैसों की किल्लत का सामना करना पडे़गा, क्योकि बैंक कर्मचारियों की दो दिनों तक हड़ताल जारी रहेगी। वही बैंक कर्मचारी संगठन की सरकार से हुई वार्ता भी असफल रही, जिससे लोगों की परेशानी अधिक बढ़ने की संभावनाएं है।

ऐसे भी एटीएम: इनके लिए क्या हड़ताल, क्या खुला

नगर के कुछ बैंक व एटीएम ऐसे भी है, जिसपर हमेशा ताला लटका रहता है तथा उनकी एटीएम में कभी कैश नहीं डाला जाता। बता दें कि नगर के बड़ौत स्थित एसबीआई व कैनरा बैंक के एटीएम पर हमेशा ताला लटका मिलता है। वहीं सिंडिकेट बैंक में भी कैश की किल्लत रहती है। वहीं यूकों बैंक व अन्य गैर सरकारी बैंक ऐसे भी है, जिनपर हड़ताल होने व न होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

नहीं मिला कैश, उपभोक्ता लौटे

नगर के पुराना कस्बा निवासी मनीष, अमित, प्रीति, व तनीष तथा काठा, मीतली व पाबला गांव से पहुंचे हरिओम, श्रीपाल व अन्य लोगों एटीएम में कैश व होने व बैंको पर ताला लटका देख निराश हो गए। लोगों ने बताया कि वह माह के अंतिम दिन अपना वेतन व अन्य सामानों के लिए वेतन निकालने पहुंचे थे, मगर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी के अभाव में बागपत नगर पहुंचे। इसके अलावा दूरदराज के स्थानों व मुसाफिरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सरकारी कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल माह के अंतिम दो दिनों में होने के कारण सरकारी कर्मचारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। सरकारी कर्मचारियों का वेतन माह के अंतिम दिनों में ही उनके खाते में भेज दिया जाता है। बैंक बंद होने के कारण ट्रांजेक्शन में अधिक समय लग सकता है।

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल होने के कारण जहां लोगों की परेशानी बढ़ी है, वही बैंक को भी करीब 250 करोड़ का नुकसान हुआ है। शुक्रवार तक बैंक कर्मचारी अपनी हड़ताल खत्म कर कार्य पर पहुंचेगें। वही शासन को भी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से अवगत करा दिया गया है।

-बसंत कुमार- लीड बैंक मैनेजर

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Bank employees strike over wage hike