DA Image
22 सितम्बर, 2020|12:51|IST

अगली स्टोरी

सिर्फ नाम का प्राधिकरण, योजनाओं पर विराम

default image

बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण सिर्फ नाम का रह गया है। प्राधिकरण के गठन के 20 वर्ष बाद भी न तो उसे खुद का भवन मयस्सर हुआ है और न ही जिले में अब तक आवासीय योजनाओं को पंख लग सके है। इतना ही नहीं जिले में अवैध कालोनियों की भरमार होने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई भी दिखावे मात्र के लिए हो रही है। जिससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवालियां निशान लग रहे हैं।

बागपत को जिले का दर्जा वर्ष 1997 में मिला था। जिले का दर्जा मिलने के करीब दो वर्ष बाद ही यहां पर बागपत -बडौत- खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया गया था। अधिकारियों की भी तैनाती कर दी गई थी। उन्हें अवैध कालोनियों को ध्वस्त कराने के साथ सरकार की योजनाओं को पंख लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब विकास प्राधिकरण का गठन हुए करीब 20 वर्ष हो चुके, लेकिन आज तक उसे खुद का भवन मयस्सर नहीं हुआ है।

इतना ही नहीं आज तक कोई भी आवासीय कालोनी का निर्माण भी विकास प्राधिकरण द्वारा नहीं कराया गया है, जबकि शासन ने पिछले वर्ष बागपत में 1000 प्रधानमंत्री आवास बनवाने का लक्ष्य दिया था। जमीन न मिलने के कारण गरीबों को उनके सपनों का घर नहीं मिल सका और यह योजना अधर में लटक गई।

अवैध कालोनियों पर कब चलेगा बुलडोजर

बागपत, बड़ौत और खेकड़ा के साथ ही अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध कालोनियों की भरमार हो गई है। ज्यादातर कालोनियों का प्राधिकरण से नक्शा पास नहीं है, फिर भी धड़ल्ले से भू माफिया सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें अवैध कालोनियों में जमीन बेच रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि ये कालोनियां बीच जंगल में काटी जा रही है, जिससे कि अधिकारियों की नजर उन पर न पड़े, बल्कि ये कालोनियां हाइवे या फिर मुख्य मार्गों और आबादी वाले क्षेत्रों के पास काटी जा रही है। जिनसे रोजाना अधिकारी गुजरते भी है। इसके बावजूद न तो इन अवैध कालोनियों को ध्वस्त कराया जा रहा है और न ही उन्हें काटने वाले भू माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई हो रही है। ऐसे में प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

अवैध कालोनियों को ध्वस्त कराने के लिए विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आवासों के निर्माण के लिए भूमि तलाशी जा रही है। प्राधिकरण के कार्यालय के लिए भी जमीन तलाशी जा रही है। जमीन मिलते ही कार्यालय का निर्माण करा दिया जाएगा। जमीन के लिए 5 करोड़ रुपये का फंड सुरक्षित रखा गया है। -अमित कुमार सिंह, एडीएम बागपत एवं विकास प्राधिकरण सचिव

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Authority of name only stop on schemes