Bagpat News: चारागाह की जमीन पर उगाये गए चारे से भरेगा गोवंशों का पेट
Bagpat News: बागपत में गौशालाओं को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन विभाग 20 से अधिक सरकारी गौशालाओं को चारागाह की भूमि देगा। तीनों तहसीलों में भूमि चिन्हित की गई है, जहाँ चारे की फसल उगाई जाएगी। सरकार द्वारा प्रति पशु 50 रुपए की राशि जारी रहेगी।

Bagpat News: बागपत। गौशालाओं में आश्रय लेने वाले गोवंश अब हरे चारे के लिए नहीं तरसेंगे। पशुपालन विभाग जल्द ही जिलेभर की 20 से अधिक सरकारी गौशलाओ को फसल उगाने के लिए चारागाह की भूमि देगा। जिससे गौशाला में रह रहे गोवंशों को भरपेट हरा चारा मिल सकेगा। राजस्व विभाग के साथ ही पशुपालन विभाग ने जिले की तीनों तहसीलों में स्थित चारागाह की भूमि चिन्हित करना शुरू कर दिया है।
गौशालाओं में चारे की समस्या का समाधान
गौशालाओ में आश्रय लेने वाले गोवंशों के हरे चारे की समस्या का निस्तारण करने के लिए पशुपालन विभाग अब चारागाह की भूमि गौशालाओं को खेती करने के लिए देगा। गौशाला प्रबंधन समिति चारागाह की भूमि पर गौवंशों के लिए चारे की फसल उगाएगी, जिससे हरे चारे की समस्या का समाधान होगा। हालाकि सरकार से मिलने वाली 50 रुपए प्रति पशु चारे की राशि जारी रहेगी।
चारागाह की भूमि की पहचान
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि जिले की 20 से अधिक सरकारी गौशालाओं को खेती के लिए चारागाह की भूमि दी जाएगी। जिस पर गोवंशों के लिए चारे की फसल उगाई जाएगी। जिले की तीनों तहसीलों बागपत, बड़ौत एवं खेकड़ा में स्थित चारागाह की भूमि चिन्हित की गई है। यदि किसी चारागाह की भूमि पर कब्जा है, तो उसे खाली कराया जाएगा और संबंधित गौशाला को खेती के लिए दिया जायेगा। सीवीओ ने बताया कि चारागाह की सभी भूमि कब्जा मुक्त है। एक या दो जगह पर ग्रामीणों का गोबर खाद पड़ा हुआ है, वे जमीन को खाली करने के लिए तैयार हैं। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कुछ जमीन गौशालाओं को मिल भी चुकी है।
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कोट-
गौशलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। जिसके लिए जिले में मौजूद चारागाह की भूमि सरकारी गौशाला प्रबंध समिति को दी जाएगी। चारगाह की भूमि पर की जाने वाली खेती से प्राप्त आय के जरिए गौशालाओं को अपडेट किया जाएगा।
गौशालाओं की आत्मनिर्भरता
डा. अरविंद त्रिपाठी सीवीओ बागपत
सामान्य प्रश्न
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