440 volts of expensive electricity paid to consumers - महंगी बिजली ने दिया उपभोक्ताओं को 440 वोल्ट का करंट DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

महंगी बिजली ने दिया उपभोक्ताओं को 440 वोल्ट का करंट

उत्तर प्रदेश में शनिवार से बिजली महंगी हो गई है। शहरों से लेकर गांवों तक के बिजली उपभोक्ताओं को अगले महीने नई दरों के हिसाब से ज्यादा बिल का भुगतान करना पड़ेगा। बिजली दरें बढ़ने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।बिजली दरें बढ़ाए जाने के बाद शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को अब फिक्स चार्ज के रूप में 10 रुपये प्रति किलोवाट अतिरिक्त के साथ 45-50 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को 180 व 200 रुपये प्रति किलोवाट के स्थान पर अब 300 रुपये प्रति किलोवाट की दर से भुगतान करना पड़ेगा। किसानों और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी बोझ बढ़ जाएगा। अलबत्ता उद्योगों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 30 नवंबर को वर्ष 2017-18 के लिए नई बिजली दरों का एलान किया था। आयोग ने सभी श्रेणियों में कुल मिलाकर औसतन 12.73 फीसदी की वृद्धि की है।

विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार पावर कारपोरेशन ने दो दिसंबर को नई दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराया था। कानूनन सार्वजनिक प्रकाशन के एक सप्ताह बाद नई दरें प्रभावी हो जाती हैं। पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार से नई दरें प्रभावी हो गई हैं।

बिलिंग सॉफ्टवेयर में संशोधन आदि की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। शहरी घरेलू बिजली दरों में 8.46 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी जबकि ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दरों में 63 फीसदी और ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं की दरों में 57.02 प्रतिशत का इजाफा हो जाएगा।

ग्रामीण अनमीटर्ड कामर्शियल उपभोक्ताओं की दरें 66.67 प्रतिशत तथा ग्रामीण मीटर्ड कामर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 43.22 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी। इसके अलावा निजी नलकूप वाले किसानों की दरों में 35.51 तक की वृद्धि हो गई है। राजकीय नलकूप की दरें 19.79 प्रतिशत बढ़ जाएंगी।

अस्थायी कनेक्शन के लिए अब 34.75 फीसदी ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों की दरों में भी 57.42 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी।किसानों की कमर तोड़ने वाला है निर्णयबड़ौत। जहां एक ओर बिजली की दरें बढ़ने से शहरी उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है तो वहीं दूसरी ओर इससे किसानों, कृषि पर भी काफी असर पड़ने वाला है। किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह से बिजली से चलने वाले नलकूपों से ही पानी मिल पाता है। पानी का स्तर भी बहुत नीचे है। इस कारण दो-तीन घंटे अमूमन सिंचाई करने में लग ही जाता है।

दरें बढने से अब और ज्यादा बिल जमा करना होगा। किसान नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. महकसिंह का कहना है कि यह किसानों पर दोहरी मार के समान है।

पहले से ही चीनी मिले किसानों को बकाया गन्ने का भुगतान नहीं कर रही हैं, जनपद बागपत में जबरन विद्युत दरें पहले ही बढ़ाई जा चुकी हैं और अब ऊपर से बिजली दरों में बढ़ोतरी कर किसानों की कमर तोड़ने का काम किया गया है। किसान नेता यशपाल चौधरी का कहना है कि पावर कारपोरेशन को यह फैसला वापस लेना होगा। प्रदेश व केंद्र सरकार को चाहिए कि वे किसान, कृषि के हक के बारे में सोचे।

बिजली दरों में बढ़ोतरी से किसान बर्बाद हो जाएंगे क्योंकि उन्हें पहले से ही फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है।

उपभोक्ताओं का विवरणप्रथम डिविजन के तहत आने वाले उपभोक्ता: 6000द्वितीय डिविजन में आने वाले उपभोक्ता: 18500प्रथम डिविजन के तहत ग्रामीण उपभोक्ता: 49000द्वितीय डिविजन के तहत ग्रामीण उपभोक्ता: 53000वर्तमान में आपूर्ति: शहरी 20 घंटेग्रामीण क्षेत्र में: 18 घंटे

ऐसे बचाएं बिजली

1. बहुत सारी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बिजली बचाने में मदद करती हैं। इसमे मोशन सेंसर, ऑटोमेटिक टाइमर का इस्तेमाल होता है जो अपने आप स्विच को ऑन और ऑफ़ कर देते है, इनका प्रयोग करें।

2. घर में जहां भी बिजली साधारण बल्ब लगे हैं, उनके स्थान पर सीएफएल, एलईडी बल्ब का प्रयोग करें।

3. घर में जहां तक हो सके प्राकृतिक रोशनी की व्यवस्था करे और दिन के समय कम से कम लाइट का इस्तेमाल करे। 4. गन्दी ट्यूबलाइट और बल्ब बिजली की खपत ज्यादा करते है और रोशनी भी काम देते है इसलिए इन्हें समय-समय पर साफ करते रहे।

5. सौर उर्जा का अधिक से अंधिक इस्तेमाल करें क्योंकि इससे बिजली के बिल में भी बचत होगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:440 volts of expensive electricity paid to consumers