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मुल्क, कौम और दीनदुखियों के लिए खैर की दुआ

मुल्क, कौम और दीनदुखियों के लिए खैर की दुआ

1 / 6हाफिज सयैद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह ढाक वाले मियां का तीन रोजा 1031 का उर्स शानो शौकत से मनाया जा रहा...

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2 / 6हाफिज सयैद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह ढाक वाले मियां का तीन रोजा 1031 का उर्स शानो शौकत से मनाया जा रहा...

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3 / 6हाफिज सयैद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह ढाक वाले मियां का तीन रोजा 1031 का उर्स शानो शौकत से मनाया जा रहा...

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4 / 6हाफिज सयैद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह ढाक वाले मियां का तीन रोजा 1031 का उर्स शानो शौकत से मनाया जा रहा...

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5 / 6हाफिज सयैद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह ढाक वाले मियां का तीन रोजा 1031 का उर्स शानो शौकत से मनाया जा रहा...

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6 / 6हाफिज सयैद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह ढाक वाले मियां का तीन रोजा 1031 का उर्स शानो शौकत से मनाया जा रहा...

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हाफिज सयैद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह ढाक वाले मियां का तीन रोजा 1031 का उर्स शानो शौकत से मनाया जा रहा है। उर्स के तीसरे दिन सोमवार को दिन भर दरगाह पर गुलपोशी और चादरपोशी करने को अकीदतंमद और जायरीन पहुंचते रहे।

नमाजे ईंशा के बाद कब्बालियों का दौर शुरू हुआ। जिसमें कब्बालों ने अल्लाह की शान में रोशनी बिखेरी।सोमवार को हाफिज सय्यद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर सुबह से ही उनके चाहने वाले पहुंचने लगे थे। जिन्होंने दरगाह पर गुलपोशी और चादरपोशी कर दुआ मांगी। यह दौर शाम तक जारी रहा। इसके बाद सज्जादानसीन आबिद हुसैन कटरा ब्राह्मपुर से चादर लेकर निकले।

चादर सबसे पहले झील बाली ज्यारत पहुंची। यहां से चादर ले जाकर सीधे ढाक वाली ज्यारत पर चादर चढ़ाई गई। नमाजे ईंशा के बाद अजमेरी और दानिश अली आदि कब्बालों की महिफल सजाई गई। जिसमें रात भर कब्बालियों के माध्यम से अल्लाह और हाफिज सय्यद ज्याउद्दीन रहमतुल्लाह अलैह की शान में रोशनी बिखेरी गई।

सुबह तीन बजे कुल की फातिहा पढ़ी गई। जिसमें मुल्क, कौम और दीन दुखियों के लिए दुआएं खैर की। कुल के दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। हाफिज नसीम कादरी, आकिब हुसैन, आदिल हुसैन, आलिफ हुसैन, ईशाद अली, आलमगीर, जाहिद, नाजिम, इस्तखार, शाहिद आलम, फैज गाजी मौजूद थे।शक्कर पारा की खूब बिक्री उर्स में मेला भी लगाया गया। जहां लोगों ने जमकर खरीददारी की। मेले में खानपान की कई दुकानें लगी थी।

जहां लोगों ने शक्कर पारा और हलुआ पराठा खरीदा।बच्चों ने खरीदे खेल खिलौनेउर्स में पहुंचे बच्चों ने खेल खिलौने खरीदे। बच्चों के लिए इलेक्ट्रानिक आइटम खास थे। इसके अलावा बच्चों ने अल्लाह की इबादत के लिए टोपियां भी खरीदी। इस बार मेले में कई प्रकार की टोपियां उपलब्ध थी। बच्चों ने जंपिंग झूले पर जमकर मस्ती की।

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