
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से होगा बरसात के पानी का संरक्षण
Badaun News - जल संरक्षण के लिए लघु सिचाई विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों और इमारतों में रूफ टाप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बरसात का पानी इस सिस्टम के जरिए जमीन में संरक्षित होगा, जिससे जल स्तर में...
जल संरक्षण की दिशा में लघु सिचाई की ओर से सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इन दिनों विभाग की ओर से सरकारी विभागों की बिल्डिंगों एवं सरकारी स्कूलों में रूफ टाप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार कराया जा रहा है। इसके माध्यम से बरसात का पानी जमीन में संरक्षित रहेगा। जल दोहन की वजह से वाटर लेबल दिनों दिन कम होता जा रहा है। इसी प्रकार से जल दोहन होता रहा और जल संरक्षण के लिए लोग जागरुक नहीं हुये तो आने वाले कल में लोगों को पानी की मुश्किल होगी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य को ध्यान में रखते हुये जल संरक्षण की दिशा में तमाम योजनाएं संचालित करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाये जा रहे हैं।

लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से सरकारी विभागों की बिल्डिंगों एवं सरकारी स्कूलों में रूफ टाप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार कराया जा रहा है। इन दिनों जिले में लघु सिंचाई द्वारा विकास भवन के अलावा कुछ और सरकारी विभागों के अलावा सरकारी स्कूलों में जल संचय के लिए रूफ टाप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार कराया जा रहा है। जब रूफ टाप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार हो जाएगा तो बरसात का पानी पाइप के माध्यम से सीधे भूमि की सतह तक पहुंच जाएगा। इससे वाटर लेबल में बढ़ोत्तरी होगी। लघु सिचाई सहायक अभियंता विजेंद्र सिंह सुमन ने बताया कि जल संचय के लिए 42 स्थानों पर रूफ टाप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार कराया जा रहा है। जिसमें 18 स्थानों पर काम पूरा हो चुका है।

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