Badaun News: राजा की सीकरी की गौरवशाली पहचान पर लगाया दाग

हिन्दुस्तान, बदायूं
Follow us on Google News
share

Badaun News: राजा की सीकरी की गौरवशाली पहचान पर लगाया दाग गांव राजा की सीकरी में राजा ठाकुर ईश्वरी सिंह का महल कोठी इसी से होती सीकरी की पहचान।

Badaun News: राजा की सीकरी की गौरवशाली पहचान पर लगाया दाग

Badaun News: बिसौली। क्षेत्र का गांव राजा की सीकरी कभी अपनी ऐतिहासिक विरासत, अनुशासन और आपसी सौहार्द के लिए जाना जाता था। ब्रिटिश हुकूमत के दौर में भी इस गांव की पहचान राजा ईश्वरी सिंह की रियासत के रूप में होती थी। मंगलवार को सरकारी जमीन पर बाबा साहब की मूर्ति स्थापना के नाम पर साइड की करीब सात बीघा जमीन पर कथित अवैध कब्जे को रोकने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर हुए पथराव तथा सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की घटना ने गांव की पुरानी पहचान को झकझोर दिया। बताया जाता है कि स्वर्गीय राजा ईश्वरी सिंह की रियासत का रसूख आजादी के बाद भी जिले में महत्वपूर्ण रहा। गांव के सामाजिक और आपसी विवादों के अनेक मामले राजा साहब के दरबार में ही तय होते थे। सभी जाति और धर्म के लोग आपसी सौहार्द के साथ रहते थे।

राजा ईश्वरी सिंह और उनकी विरासत

राजा ईश्वरी सिंह के निधन और आजादी के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को उनके पुत्र हेमेन्द्र सिंह और पत्नी रानी कांति सिंह ने आगे बढ़ाया। रानी कांति सिंह गांव की प्रधान और जिला पंचायत सदस्य भी रहीं। उनके कार्यकाल में गांव की पंचायत को न्यायप्रियता और अनुशासन के लिए सम्मान की नजर से देखा जाता था।

हाल की घटना का प्रभाव

मंगलवार की घटना के बाद ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि करोड़ों रुपये की बेशकीमती रोड साइड जमीन को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पथराव और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ से पूरे गांव की छवि पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण अब उम्मीद जता रहे हैं कि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगा।

सामान्य प्रश्न

राजा की सीकरी गांव अपनी किन विशेषताओं के लिए जाना जाता था?
राजा की सीकरी गांव अपनी ऐतिहासिक विरासत, अनुशासन और आपसी सौहार्द के लिए जाना जाता था।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsUP NewsबदायूंBadaun News: राजा की सीकरी की गौरवशाली पहचान पर लगाया दाग