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जच्चा-बच्चा मौत मामले में तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

जच्चा-बच्चा मौत मामले में तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

संक्षेप:

Badaun News - बदायूं के बिल्सी सीएचसी पर प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। परिवार ने डाक्टरों और स्टाफ पर रुपये मांगने और लापरवाही के आरोप लगाए। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने एक समिति का गठन किया है जो एक सप्ताह में रिपोर्ट पेश करेगी।

Jan 09, 2026 01:12 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बदायूं
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बदायूं, संवाददाता। बिल्सी सीएचसी पर डिलीवरी को आई प्रसूता के परिवार से डाक्टर व स्टाफ रुपये मांगता रहा। प्रसूता का परिवार गरीबी का हवाला देता रहा और रुपये देने से मना कर दिया तो फिर हीलाहवाली की और फिर उपचार में लापरवाही बरत दी। डिलीवरी के बाद प्रसूता और नवजात दोनों की मौत हो गई। जिसके बाद हंगामा हुआ तो रिश्वतखोरी का मामला खुला। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई है। डीएम की नाराजगी के बाद सीएमओ ने मामले में जांच बैठा दी है। कमेटी बनाकर जांच का आदेश दिया है। मामला बिल्सी सीएचसी का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव दिधौनी निवासी हरपाल पुत्र रामधुन की पत्नी कुसुम 39 वर्ष को बुधवार सुबह प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे।

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महिला का यह छठा बच्चा था। आरोप है कि डिलीवरी के नाम पर तीन हजार रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर उचित इलाज नहीं किया गया। इसी दौरान मृत बच्चा पैदा हुआ और कुछ ही देर में प्रसूता की भी हालत बिगड़ गई, उसकी मौत हो गई। इसमें डाक्टर-कर्मचारियों की लापरवाही से मौत हुई है। रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप और लापरवाही के मामले में डीएम अवनीश कुमार राय ने जांच के आदेश दिये हैं। डीएम के आदेश पर गुरुवार को सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने जांच के आदेश दे दिये हैं। इसके लिए कमेटी बनाई है। इसमें एसीएमओ डॉ. मोहन झा, डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित रस्तोगी, डीपीएम कमलेश शर्मा को कमेटी में शामिल किया है। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है। बिल्सी टीम ने बताया ब्लड की कमी से मौत बिल्सी सीएचसी पर प्रसूता की मौत हुई और पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया तब तक बिल्सी के डाक्टर ने मौत का कारण स्पष्ट कर दिया। सीएचसी के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि दिधौनी निवासी महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल आई थी। प्रसव के दौरान मृत बच्चा पैदा हुआ। महिला में खून की कमी थी, इसलिए उसे उच्च केंद्र रेफर करने को कहा था, लेकिन परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। महिला को मृत अवस्था में सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां मौत हो गई। प्रसूता और नवजात की मौत की जानकारी मिली थी। लापरवाही और रिश्वतखोरी के आरोप परिवार ने लगाये हैं बड़ा गंभीर है। निष्पक्षता से जांच कराते हुए कार्रवाई करने की तैयारी है। इसके लिए जांच कमेटी गठित कर दी। सप्ताहभर में जांच रिपोर्ट मांगी है। उसके बाद कार्रवाई की जायेगी। डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ