Badaun News: बागपत हादसे ने पूरे गांव को झकझोरा, गलियों में पसरा सन्नाटा
Badaun News: बागपत हादसे ने पूरे गांव को झकझोरा, गलियों में पसरा सन्नाटा बागपत हादसे ने पूरे गांव को झकझोरा, गलियों में पसरा सन्नाटा बागपत हादसे ने पूरे गांव को झक

Badaun News: बागपत हादसे में अल्लापुर चमारी के सात लोगों की मौत के बाद सोमवार को पूरा गांव सदमे में रहा। जिन गलियों में सुबह से शाम तक चहल-पहल रहती थी, वहां सन्नाटा पसरा था। मृतकों के घरों पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। हर कोई अपनों के लौटने का इंतजार करता रहा। अल्लापुर चमारी में सोमवार की सुबह दर्दनाक खबर लेकर आई। बागड़धाम में दर्शन के लिए गए गांव के सात लोगों की बागपत हादसे में मौत की जानकारी जैसे-जैसे ग्रामीणों तक पहुंची, वैसे-वैसे गांव की तस्वीर बदलती चली गई। जिन परिवारों के सदस्य श्रद्धा और विश्वास के साथ यात्रा पर निकले थे, उनके घरों में चीख-पुकार मच गई। लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर हालात जानने लगे। कई घरों के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा रही, लेकिन किसी के चेहरे पर बात करने की हिम्मत नहीं थी। महिलाएं अपनों को याद कर बिलखती रहीं और पुरुष परिवार के सदस्यों को संभालते नजर आए। गांव की गलियों में दिनभर लोगों की आवाजाही रही, मगर माहौल में उत्साह के बजाय गहरी खामोशी थी। हर किसी की जुबान पर बागपत में हुए हादसे की ही चर्चा थी। ग्रामीण बार-बार हादसे की जानकारी लेते रहे और अपने परिचितों से घायलों की स्थिति पूछते रहे। जिस गांव से लोग बाबा के दर्शन के लिए खुशी-खुशी निकले थे, वहां अब हर घर में लौटकर आने वालों की जगह उनके शवों का इंतजार था。
दुखद स्थिति
सबसे दर्दनाक स्थिति उन परिवारों की रही, जिन्होंने एक साथ कई अपनों को खो दिया। घरों के बाहर बैठे परिजन आने-जाने वाले हर व्यक्ति को उम्मीद भरी नजरों से देखते रहे। किसी के पास उन्हें सांत्वना देने के लिए शब्द नहीं थे। कई महिलाएं बार-बार अपनों को याद कर फूट-फूटकर रोती रहीं। बच्चों और बुजुर्गों को भी हादसे की भयावहता समझाने वाला कोई नहीं था। गांव की गलियां, जो आम दिनों में बच्चों की आवाज और ग्रामीणों की चहल-पहल से भरी रहती थीं, सोमवार को असामान्य रूप से शांत थीं।
गांव की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना था कि ऐसी घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। दर्शन के लिए निकले लोगों के साथ हुए हादसे ने पूरे गांव को अंदर तक हिला दिया। देर शाम तक भी गांव में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। बाहर से आने वाला हर व्यक्ति सबसे पहले मृतकों के घर पहुंच रहा था। जिन घरों में यात्रा से लौटने वालों के स्वागत की तैयारी होनी थी, वहां अब अंतिम विदाई की तैयारी का इंतजार था। गांव का हर व्यक्ति इस हादसे को लेकर स्तब्ध था। अल्लापुर चमारी की खामोश गलियां और बंद पड़े घर इस दर्दनाक हादसे के बाद पसरे सन्नाटे की गवाही दे रहे थे।


