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बदायूंजिले में दरोगा-सिपाहियों की खुलेंगी पुरानी जांच

हिन्दुस्तान टीम,बदायूंPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:31 AM
जिले में दरोगा-सिपाहियों की खुलेंगी पुरानी जांच

बदायूं। संवाददाता

शेखूपुर चौकी के इंचार्ज रहे दरोगा आकाश कुमार व सिपाहियों द्वारा अफीम तस्करों को पकड़कर छोड़ने के कृत्य के बाद पूरे महकमे में हलचल है। इधर, इस घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जिलेभर में अभियान चलाकर वो दरोगा व सिपाही चिह्नित किए जा रहे हैं, जिनकी भ्रष्टाचार से जुड़ी पुरानी शिकायतें मिल चुकी हैं। ऐसे कई दरोगा जहां चौकियों का चार्ज संभाले हुये हैं। वहीं सिपाही तो थानों-चौकियों के साथ अधिकारियों के हमराह तक बने बैठे हैं। महकमा कलंकित न हो, इसके लिए पेशियों से इन शिकायतों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।

जिले के विभिन्न थानों व चौकियों में ऐसे दरोगा व सिपाही तैनात हैं, जिनकी शिकायतें अधिकारियों को मिली थीं। इन शिकायतों में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। उस वक्त अधिकारियों ने संबंधित सीओ को इनकी जांच का निर्देश दिया गया था। चूंकि कोरोना संक्रमण बढ़ा तो पूरा सिस्टम कोरोना कर्फ्यू में जुट गया। ताकि लोग कम से कम घरों से निकलें और कोरोना को बढ़ावा न मिलने पाए। नतीजतन जांचें भी थम गईं। हालांकि कई मामले ऐसे भी जिनमें झूठे आरोप भी खाकी पर लगाए गए थे।

तितर-बितर होंगे विवादित दरोगा

शहर समेत देहात इलाकों के कई दरोगा ऐसे हैं जिन पर आरोप भी लगे हैं। जबकि कई ऐसे हैं, जिनकी इलाके में इतनी दहशत है कि कोई उनकी शिकायत करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा है। इन दरोगाओं ने हर अभियान के नाम पर आतंक मचाने में कसर नहीं छोड़ी है। जबकि शिकायत पर अभियान का हवाला अधिकारियों को देकर खुद को बचा जाते हैं।

एक ही सर्किल में कई सालों से टिके दीवानजी

कुछ सिपाही भी जिले में इतने कुख्यात हैं कि एक ही सर्किल में यहां-वहां घूमकर अपने कार्यकाल की अवधि पूरी कर रहे हैं। फिर चाहें ये सिपाही सफेदपोशों की सरपरस्ती लें या फिर प्रभावशाली लोगों का इन पर हाथ हो। यही वजह है कि थाने से निकलकर हमराह बनना और हमराह से हटे तो सर्किल के किसी अन्य थाने में तैनाती पा जाना इनकी कार्यप्रणाली का एक हिस्सा है।

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