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2 मार्च, 2021|7:17|IST

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बदल जाएगा स्कूल कालेजों का स्वरूप

बदल जाएगा स्कूल कालेजों का स्वरूप

1 / 2कोरोना महामारी ने दुनिया भर में कई ऐसे परिवर्तन देखने को मिले हैं। जिनके बारे में पहले लोग सिर्फ सोचा ही करते...

बदल जाएगा स्कूल कालेजों का स्वरूप

2 / 2कोरोना महामारी ने दुनिया भर में कई ऐसे परिवर्तन देखने को मिले हैं। जिनके बारे में पहले लोग सिर्फ सोचा ही करते...

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कोरोना महामारी ने दुनिया भर में कई ऐसे परिवर्तन देखने को मिले हैं। जिनके बारे में पहले लोग सिर्फ सोचा ही करते थे।

लोगों की जीने की शैली बदल गई हैं तो वहीं एक-दूसरे से मिलने का तरीका भी बदल गया है। इसी कड़ी में अब शिक्षा के मंदिरों में भी इसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए भविष्य की तैयारियों में कई स्कूल जुट गए हैं।

स्कूलों के प्रबंध समिति ने विचार विमर्श करना शुरू कर दिया है, कि इस संकट के बाद जब भी स्कूल खुलेंगे तो स्कूलों की क्या दशा होगी। ऐसे में कई स्कूलों की प्रबंध समिति स्कूलों की कक्षाओं में सोशल डिस्टेंस, यूनीफार्म कोड में बदलाव के साथ ही सेनेटाइजेशन को रेगुलर प्रोसीजर में शामिल करने का विचार कर रही हैं।छोटी कक्षाओं को रखेंगे बंदस्कूल जब भी खुलेंगे तो हो सकता है कि स्कूल की सभी कक्षाओं को न लगाया जाए।

सिर्फ सीनियर कक्षाओं को ही संचालित किया जाए। सभी कक्षाओं को संचालित करने पर सामाजिक दूरी का पालन कठिन हो जाएगा। बच्चों को सोशल डिस्टेंस का पालन कराना भी एक कठिन प्रक्रिया होगी।प्रार्थना सभा में सामाजिक दूरी का ध्यानस्कूलों में प्रार्थना सभाओं में सामाजिक दूरी का ख्याल रखने के लिए भी इंतजाम किए जाएंगे। जिसके लिए विचार विमर्श किया जा रहा है।

अभी तक स्कूलों के मैदान में बच्चे एक साथ खड़े होकर प्रार्थना करते हैं। भविष्य में शायद ऐसा न हो। यदि होगा तो कम संख्या में ही बच्चे प्रार्थना सभा में शामिल होंगे। इसको लेकर सभी स्कूलों की प्रबंध समितियां विचार-विमर्श कर रही हैं।ऑड इवन को किया जा सकता है लागूस्कूलों में ऑड इवन प्रोग्राम को लागू करने की भी योजना बन रही है।

इसमें यदि स्कूल में चार हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। तो एक दिन में सिर्फ दो हजार बच्चों को ही बुलाया जाएगा। अगले दिन शेष बचे बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। स्कूल प्रबंध समितियों की ओर से भविष्य की चुनौतियों को लेकर कई सजग सुझाव तो दिए गए हैं, पर अब इन्हें लागू करने में क्या चुनौतियां आएंगी। इसको लेकर अभी फिलहाल कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सभी लोग सरकार की ओर से जारी होने वाली गाइड लाइन का इंतजार कर रहे हैं।

क्या बोले स्कूल संचालक

कोरोना महामारी के चलते कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर सभी प्राइवेट स्कूल प्रबंध समिति एसोसिएशन के बीच वार्ता हुई थी। अभी सिर्फ इन बातों को लेकर विचार-विमर्श ही हुआ है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में ऑड इवन प्रोग्राम को लागू किया जा सकता है, सोशल डिस्टेंस का पालन करने के लिए कई बदलाव होने चाहिए

ज्योति मेंहदीरत्ता, प्रबंध निदेशक ब्लूमिंगडेल

कोरोना महामारी के बाद स्कूल खुलने को लेकर अभी से टेंशन हो रही है। सरकार की ओर से फिलहाल कोई भी गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। इसके बाद भी हम लोग स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई बदलाव करने का विचार कर रहे हैं। जिसमें कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन का रेगुलर प्रोसीजर, यूनीफार्म कोड में मास्क को शामिल करना आदि। इन तमाम बिंदुओं के साथ ही कई अन्य बदलाव भी किए जा सकते हैं।

चयनिका सारस्वत, निदेशिका मदर एंथीना स्कूल

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  • Web Title:The nature of school colleges will change