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गेहूं क्रय केंद्र पर 70 रुपए क्विंटल की वसूली, हंगामा

गेहूं क्रय केंद्र पर 70 रुपए क्विंटल की वसूली, हंगामा

1 / 2सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से अतिरिक्त खर्चा के नाम पर 70 से लेकर 120 रुपए क्विंटल की वसूली की जा रही है। जो कि किसानों का शोषण है। किसान इस वसूली के बारे में अफसरों से शिकायत कर चुके हैं।...

गेहूं क्रय केंद्र पर 70 रुपए क्विंटल की वसूली, हंगामा

2 / 2सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से अतिरिक्त खर्चा के नाम पर 70 से लेकर 120 रुपए क्विंटल की वसूली की जा रही है। जो कि किसानों का शोषण है। किसान इस वसूली के बारे में अफसरों से शिकायत कर चुके हैं।...

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सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से अतिरिक्त खर्चा के नाम पर 70 से लेकर 120 रुपए क्विंटल की वसूली की जा रही है। जो कि किसानों का शोषण है। किसान इस वसूली के बारे में अफसरों से शिकायत कर चुके हैं। अब तक एक भी क्रय केंद्र पर कार्रवाई नहीं की गई है। क्रय केंद्र पर अगर कोई किसान वसूली का विरोध करता है तो उसे माफिया होने की बात कहकर फंसाने की धमकी दी जाती है।

माफियाओं को किसान बनाकर गेहूं खरीद की जा रही हैं। किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर शासन तो गंभीर हैं। स्थानीय स्तर पर किसानों का जमकर शोषण किया जा रहा है। शासन से इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1840 रुपए क्विंटल तय कर खरीद कराई जा रही है। इस मूल्य को पाने के लिए किसानों को 70 से लेकर 120 रुपए क्विंटल अपनी जेब से नगद देने पड़ रहे हैं, अगर किसान के पास नगद रुपए नहीं हैं तो इतने रुपए के गेहूं ले लिए जाते हैं। इस तरह से गेहूं क्रय केंद्र पर वसूली की जा रही है।

सोमवार को मंडी स्थित आरएफसी केंद्र पर मुगर्रा जरासी के किसानों ने अवैध वसूली का विरोध किया तो उनके साथ जमकर अभद्रता की गई और अपमानित कर के केंद्र से भगा दिया। जिसकी शिकायत किसानों ने एसडीएम और मंडी सचिव से की। मंडी सचिव ने मौके पर जाकर मामला शांत करा दिया, तब जाकर किसानों को गेहूं बिक्री की रशीद दी गई। गांव मुगर्रा के किसान नवनीत और भगवान दास, अतुल कुमार ने बताया कि मंडी के आरएफसी केंद्र पर गेहूं बेचने गए थे, तो गेहूं क्रय केंद्र पर 70 रुपए क्विंटल के हिसाब से अलग से रुपए मांगे। इन रुपयों की रशीद मांगी तो ऊपर तक खर्चा की रकम जाने की बात कह दी।

जब अवैध उगाही की रकम नहीं दी तो क्रय केंद्र पर तैनात कुछ लोगों ने अभद्रता की। अभद्रता करने की शिकायत अफसरों से की है।पानी तक की व्यवस्था नहींमंडी के क्रय केंद्र पर किसानों को पानी तक की व्यवस्था नहीं है। नाम मात्र के लिए खाली वाटर कूलर रख लिया जाता है। पानी न होने की वजह से किसानों को प्यास की समस्या से जूझना पड़ता है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। इससे बढ़िया तो आढ़तियों को ही गल्ला बेच दें।पल्लेदारों को दिया बढ़ावाअधिकांश क्रय केंद्रों पर केंद्र प्रभारियों ने पल्लेदारों को बढ़ावा दे रखा है। जो कि वसूली का पूरा लेखाजोखा रखते हैं और शाम को वसूल की गई रकम को केंद्र प्रभारी के हवाले कर देते हैं। केंद्र प्रभारी खुद अवैध वसूली की रकम सीधे किसान से लेने में बचते रहते हैं।

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  • Web Title:Recovery of 70 Rupees Quintal on wheat purchase center commotion