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जिन हाथों पर लगे हत्या के दाग, उन्हीं ने जेल की दीवारों को सजाया

जिन हाथों पर लगे हत्या के दाग, उन्हीं ने जेल की दीवारों को सजाया

संक्षेप:

Badaun News - बदायूं के जिला कारागार में कैदी अंकुर उर्फ गौरव प्रताप सिंह ने अपनी चित्रकारी से जेल की दीवारों को बदल दिया है। हरियाणा के गुड़गांव में पेंटिंग का काम करने वाले अंकुर ने मेरठ जेल में पेंटिंग की कला सीखी थी। उसने जेल में देवी-देवताओं और देशभक्ति से प्रेरित चित्र बनाए हैं, जिससे जेल का रूप बदल गया है।

Nov 21, 2025 01:10 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बदायूं
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बदायूं। जिला कारागार में चोरी के एक मामले में सजा काट रहे कैदी ने अपनी चित्रकारी से जेल की तस्वीर बदल दी है। कैदी का नाम अंकुर उर्फ गौरव प्रताप सिंह है। जेल में आने से पहले अंकुर हरियाणा के गुड़गांव में पेंटिग का काम करता था। उसने चित्रकारी की यह कला मेरठ जेल में बंद रहने के दौरान सीखी थी। सजा काटने के दौरान वह खाली वक्त में जेल की दीवारों आदि पर पेंटिंग का कार्य कर अपने हुनर का प्रदर्शन करता था। चित्रकारी का उसे ऐसा शौक चढ़ा कि जेल की दीवारों पर देवी-देवताओं के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत व प्राकृतिक चित्रों को उकेर दिया है।

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जिससे जेल नए रुप में नजर आने लगी। रायबरेली जिले के थाना बछरांवा के गांव हसनपुर निवासी अंकुर उर्फ गौरव प्रताप सिंह हरफनमौला प्रवृति के हैं। छात्र जीवन में वह एक प्रतिभाशाली छात्र रहा। करीब 10 साल पहले लखनऊ में हुए चर्चित हत्याकांड में उसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें अंकुर को आरोपी बनाया गया। इसी दौरान न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आजीवन कारावास की सजा होने के बाद उसे लखनऊ जेल से मेरठ की जेल में शिफ्ट कर दिया गया। सजा काटने के दौरान उसकी मेरठ जेल में बंद एक कैदी से उसकी मुलाकात हुई और दोनों में दोस्ती हो गई। कैदी से अंकुर ने पेंटिंग की बारीकियां सीखी। ब्रश कैसे चलाते हैं, पहले इसकी जानकारी ली। इसके बाद वह पेंटिंग में अभ्यस्त हो गया। मेरठ जेल में बंद रहने के दौरान उसने जेल की दीवारों पर कलाकृतियों को उकेरा। जिसकी जेल प्रशासन द्वारा सराहना की गई। इसी बीच वह पैरोल पर जेल से बाहर आ गया। बताया जाता है कि अंकुर अपने साथियों के साथ बरेली जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर बदायूं जेल भेज दिया। अंकुर पांच महीने से जिला कारागार में विचाराधीन कैदी के रुप में सजा काट रहा है। अंकुर अब तक करीब 300 से अधिक पेंटिंग बना चुका है। अंकुर ने बताया कि वह रोजाना सुबह उठकर भगवान की पूजा करता है। उसके बाद दीवारों व फर्श पर चित्रों को उकरेता है।