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पीओएस मशीन खोल सकती है पीसीएफ का घोटाला

पीओएस मशीन खोल सकती है पीसीएफ का घोटाला

पीसीएफ में तीन करोड़ खाद घोटाला के मामले में एसआईटी इन दिनों जांच पड़ताल कर रही है, जिससे सभी संलिप्तों तक पहुंचा जा सके। एसआईटी ने पीसीएफ से अधिकारियों के दस्तावेज तो मांग ही लिए हैं, इसके अलावा एसआईटी टीम की नजर पीओेएस मशीन सेवा की ओर है।

खाद पीओएस मशीन के द्वारा दुकानों पर रिलीज हो ती है और किसानों को अंगूठा लगाकर आधार का ब्यौरा देना पड़ा है। ऐसे में एसआईटी टीम को जांच का रास्त सरल मिल गया है। केंद्र सरकार की डिजिल इंडिया के तहत खाद के संकट और माफियागीरी रोकने के लिए वर्ष 2017 में पीओएस मशीन सेवा संचालित की गई थी, जिसमें किसानों की पीओएस मशीन सेवा को किसानों के आधार कार्ड से लिंक किया गया है, जिससे किसान यूरिया खरीदे तो पूरे सिस्टम में पता चल सके कि यूरिया किस किसान ने खरीदी। जिले में समितियां, एवं केंद्र व प्राइवेट दुकानों समेत करीब 815 दुकानें हैं, जिन पर यूरिया की बिक्री की जा रही है। इन दुकानों पर पीओएस मशीन की सेवा सरकार ने वर्ष 2017 में ही संचालित कर दी गई है। इसके बाद से जिले में खाद का वितरण आधार कार्ड नंबर तथा अंगूठा लगाने के बाद किसानों को किया गया है। इसलिए एसआईटी टीम की नजर पीओएस मशीन की ओर है, अगर एसआईटी टीम ने पीओएस मशीन के माध्यम से जांच की तो जल्द ही राज खुल सकता है और इस घोटाला में छोटे नाम से बड़े चेहरों का खुलासा हो जाएगा। पीओएस से पकड़ी जा सकती रिलीजएसआईटी टीम अगर यूरिया घोटाला की जांच पीओएस मशीन के नजरिया से करती है तो उसके के लिए पूरा रिकार्ड और पीओएस मशीन का रिकार्ड पीसीएफ व कृषि विभाग से लेना होगा, इसके अलावा इफको के पास भी मिल जाएगा, क्योंकि इफको से पीसीएफ के लिए जो खाद रिलीज होती है वह विक्रय करते समय ऑनलाइन फीडिंग की जाती है, कि किस दुकानदार तथा किस पीओएस मशीन को जारी हो रही है। अगर उन मशीनों के माध्यम से जांच की जाए, तो पता चल जाएगा कि किसके लिए यूरिया जारी की गई और किसके आधार कार्ड पर जारी हुई है, किस आधार कार्ड पर कितने कट्टे गए हैं वह भी राज खुल जाएगा।

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  • Web Title:POS machine can open PCF scandal