Badaun News: बिना रवानगी निकला दरोगा, दूसरे क्षेत्र में कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन?

हिन्दुस्तान, बदायूं
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Badaun News: बिना रवानगी निकला दरोगा, दूसरे क्षेत्र में कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन? बिना रवानगी निकला दरोगा, दूसरे क्षेत्र में कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन?

Badaun News: बिना रवानगी निकला दरोगा, दूसरे क्षेत्र में कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन?

Badaun News: जरीफनगर क्षेत्र में मादक पदार्थ की सूचना के नाम पर फर्जी तरीके से तत्कालीन चौकी प्रभारी ने अपनी पूरी टीम के साथ दूसरे हल्के में दबिश दी। नियमों को दरिकनार कर दी गई दबिश से ज्यादा बड़ा सवाल पुलिसकर्मियों की सुरक्षा का है। वजह है कि तत्कालीन चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज बिना रवानगी और सीओ की जानकारी के अपनी चौकी छोड़कर दूसरे क्षेत्र में पहुंच गए। ऐसे में एक और गंभीर सवाल उठ रहा है कि दबिश के दौरान दूसरे के हल्का क्षेत्र में टीम के साथ कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता, यह सवाल सभी के जेहन में गूंज रहा है। मादक पदार्थ की सूचना में दबिश कोई सामान्य कार्रवाई नहीं मानी जाती है। पुलिस टीम के रवाना होने से लेकर मौके तक पहुंचने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में रहना जरूरी होती है। आरोप है कि बस्तोई सीकरी चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज ने इस पूरी प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया। वह अपनी चौकी क्षेत्र से निकलकर दियोहरा शेखपुर पहुंच गए और साथ में चार सिपाहियों को भी ले गए। न रवानगी दर्ज कराई गई और न सीओ समेत किसी वरिष्ठ अधिकारी को बताया गया। कार्रवाई निजी गाड़ी और सादा वर्दी में किए जाने की बात सामने आई है। परिवार ने आरोप लगाया था कि उदय प्रकाश को एनडीपीएस एक्ट के मामले में फंसाने के लिए पुलिस अपने साथ सामान लेकर आई थी। इस आरोप की भी जांच चल रही है। यानि दबिश से लेकर बरामदगी तक हर कड़ी जांच के घेरे में है。

विवरण की जांच

अब असली सवाल कार्रवाई की वैधता से आगे पुलिसकर्मियों की जवाबदेही का है। मान लीजिए दूसरे क्षेत्र में जाते समय दरोगा और सिपाहियों की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती, किसी से विवाद हो जाता या दबिश के दौरान टीम पर हमला हो जाता तो विभाग के पास यह बताने के लिए क्या रिकॉर्ड होता कि पुलिसकर्मी कहां और किस काम से गए थे? जब रवानगी ही दर्ज नहीं थी और सीओ को भी जानकारी नहीं थी तो आपात स्थिति में टीम की लोकेशन तक पता करना मुश्किल होता। पुलिस की हर कार्रवाई में आदेश, रवानगी और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने की व्यवस्था इसी जिम्मेदारी के लिए है। इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब यह पहलू भी जांच में है कि आखिर बिना रवानगी दूसरे क्षेत्र में पहुंचने की अनुमति किसने दी और इसकी जवाबदेही किसकी बनती है।

स्थानीय नेता का समझौता

सफेदपोश ने कराया दरोगा-उदय में समझौता, तीसरे शख्स ने खोला पूरा पुलिसिया खेल

जरीफनगर के दियोहरा शेखपुर में उदय प्रकाश को पुलिस द्वारा उठाए जाने के मामले को दबाने की कोशिश भी हुई थी। बताया जा रहा है कि स्थानीय नेता ने उदय प्रकाश और चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज के बीच समझौता करा दिया था। इसके बाद मामला शांत होता दिख रहा था, लेकिन तीसरे व्यक्ति की वजह से पूरा घटनाक्रम सामने आ गया। इसी के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे और मामला अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद मामला सुर्खियों में आया तो आनन-फानन में पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।

जांच की प्रक्रिया

जांच में कॉल डिटेल में खुल सकते हैं दरोगा के कई कारनामे

जरीफनगर में पुलिस कार्रवाई के बाद अब चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज की कॉल डिटेल जांच का अहम आधार बन सकती है। पुलिस यह खंगाल सकती है कि दबिश से पहले और बाद में दरोगा की किन लोगों से बातचीत हुई। किसके इशारे पर टीम दूसरे चौकी क्षेत्र में पहुंची, किससे लगातार संपर्क रहा और उदय प्रकाश के साथ समझौता कराने में किसकी भूमिका थी, कॉल डिटेल से इन सवालों के जवाब मिल सकते हैं। इसके साथ ही दरोगा के कई कारनामे भी सामने आ सकते हैं।

चार्जशीट की तैयारी

उदय प्रकाश की ओर से दर्ज मुकदमे में जल्द लगेगी चार्जशीट

उदय प्रकाश की ओर से अमन समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना सहसवान सीओ अशोक कुमार कर रहे हैं। विवेचक ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। मुकदमे से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि विवेचना पूरी होते ही जल्द आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

सामान्य प्रश्न

✦क्या मनीष भारद्वाज ने नियमों का उल्लंघन किया?−
हाँ, मनीष भारद्वाज ने बिना रवानगी और सीओ की जानकारी के दूसरी जगह दबिश दी।
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