दुकानदारों की सुरक्षा पुलिस के लिए चुनौती

दुकानदारों की सुरक्षा पुलिस के लिए चुनौती

संक्षेप:

Badaun News - ककोड़ाधाम में गंगा की कटरी पर लगा तंबुओं का मेला उजड़ गया है। सभी बाहरी श्रद्धालुओं और दुकानदारों की वापसी के बाद, केवल स्थानीय श्रद्धालु रह गए हैं। रात्रि के समय सुरक्षा की चुनौती बढ़ गई है क्योंकि पुलिस की संख्या भी कम हो गई है। मेला 29 अक्टूबर से शुरू होकर 12 नवंबर को समाप्त होगा।

Nov 10, 2025 04:31 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बदायूं
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ककोड़ाधाम, संवाददाता। गंगा की कटरी में रेत की चादर पर बसने वाला तंबुओं का शहर उजड़ गया है। बाहर के सभी श्रद्धालुओं की वापसी हो चुकी है तमाम दुकानदार भी वापस हो गए हैं केवल स्थानीय श्रद्धालु ही पहुंचकर रौनक बढ़ा रहे हैं। अब ऐसे में रात्रि का समय काफी संवेदनशील हो गया है और पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। क्योंकि पुलिस भी काफी हद तक वापस हो गई है। इसलिए मेला ककोड़ा की सुरक्षा पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। रविवार को मेला ककोड़ा से काफी संख्या में दुकानें और श्रद्धालु वापस चले गए हैं।

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वहीं पुलिस विभाग की ओर से भी तमाम पुलिस कर्मी वापस हो गए हैं। मेला ककोड़ा पर दिनभर तो महौल गुलजार रहा है। मगर शाम होते ही मेला बाजार में भी सन्नाटा हो गया। मेला परिसर में दिनभर वैसे ही सन्नाटा रहा है केवल गंगा घाट और बाजार गुलजार रहा है। क्योंकि यहां ठहरने वाले श्रद्धालु नहीं हैं केवल स्थानीय श्रद्धालु हैं जो वाहनों से पहुंचे और वापस हो गए। अब रात के लिए केवल दुकानदार बचे हैं। गंगा की कटरी है यहां केवल मेला कोतवाली पुलिस व कादरचौक पुलिस के हवाले सुरक्षा व्यवस्था है। यहां रात्रि के समय दुकानदारों को सुरक्षा देना और माल की रखवाली पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। बतादें कि मेला ककोड़ा 29 अक्तूबर से शुरू जरूर हुआ लेकिन समाप्त 12 नवंबर को होगा। 12 नवंबर को झंडी वापस लाई जायेगी और मंदिर में रखी जायेगी।