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टीए से लेकर बाबू तक भ्रष्टाचार में लिप्त, गांव-गांव भ्रष्टाचार

म्याऊं ब्लाक से लेकर ग्राम पंचायतों तक विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार की रार फैली हुई है। जिसमें केवल प्रधान ही जिम्मेदार नहीं हैं प्रधानों के...

टीए से लेकर बाबू तक भ्रष्टाचार में लिप्त, गांव-गांव भ्रष्टाचार
हिन्दुस्तान टीम,बदायूंSat, 02 Dec 2023 02:15 AM
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म्याऊं ब्लाक से लेकर ग्राम पंचायतों तक विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार की रार फैली हुई है। जिसमें केवल प्रधान ही जिम्मेदार नहीं हैं प्रधानों के आगे मजबूरी है और भ्रष्टाचार का रास्ता सचिव और ब्लाक के बाबू बता रहे हैं। जिसमें बीडीओ कार्यालय के बाबू से लेकर मनरेगा के बाबू और रोजगार सेवक सभी शामिल हैं। अब तो यहां कमीशन का खेल खुला चलने लगा है इससे पहले भी ब्लाक एवं यहां के सचिव भ्रष्टाचार को लेकर काफी चर्चित रहे हैं। कमीशन यहां ब्लॉक में तैनात टीए का पूरे म्याऊं ब्लॉक को ही अपने हिसाब से ग्राम पंचायतें चलाया जा रहा है और प्रधानों से मनरेगा में एडवांस कमीशन लिया जा रहा है। बतादें कि टीए को वर्षों हो गए हैं लेकिन कहीं भी तबादला नहीं हो रहा है, जिसकी वजह से भ्रष्टाचार और ज्यादा बढ़ रहा है। इससे पहले वर्ष 10 दिसंबर वर्ष 2010 में रजपुरा से म्याऊं ब्लॉक में तबादला होकर आये थे, इसकी शिकायत होने पर 19 दिसंबर वर्ष 2019 को तबादला इस्लामनगर किया भी गया मगर अफसरों से साठगांठ करते हुए फिर से तबादला निरस्त करा लिया। बाद में प्रधानों की शिकायत पर 23 मई 2022 को ब्लॉक म्याऊं से स्थानांतरण उझानी ब्लॉक कर दिया गया। अब उझानी ब्लॉक में मनरेगा ग्राम प्रधान सिकंदरावाद एवं दुर्देनगर, गठौना, प्रधान ने बीएल वर्मा से शिकायत की, जिस पर डीडीओ ने सिंतबर में जांच बिठाई। इसके बाद गठौना गांव से हटा दिया गया, जिसके बाद से फिर सेटिंग बिठाकर तैनाती ले ली है और जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। मगर अधिकारी अनदेखी किये हुए हैं। अब एडीओ पंचायत से भी सेटिंग बिठा रखा है।

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