India is a nation of knowledge : Chitralekha - हिन्दुस्तान की पहचान शास्त्र हैं, शस्त्र नहीं : चित्रलेखा DA Image
19 फरवरी, 2020|12:47|IST

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हिन्दुस्तान की पहचान शास्त्र हैं, शस्त्र नहीं : चित्रलेखा

हिन्दुस्तान की पहचान शास्त्र हैं, शस्त्र नहीं : चित्रलेखा

रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष किया गया। कथा वाचिका देवी चित्रलेखा ने कहाकि हिन्दुस्तान की पहचान शास्त्र हैं, शस्त्र नहीं। आज हमारे घरों से रामायण, गीता और श्रीमद् भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथ गायब हो गए।

चित्रलेखा ने कहा कि यदि किसी शराबी को शराब से ज्यादा नशीली कोई चीज पिला दी जाए, तो वह शराब छोड़ देगा। भगवान की कथा से नशीली कोई चीज नहीं है। हर आदत का एकमात्र निदान है, प्रभु भजन। आज घरों से रामायण, गीता और श्रीमद्भागवत जैसे पवित्र धार्मिक ग्रंथ गायब हो गए। सही अर्थों में तो भगवान का साकार रूप ही श्रीमद्भागवत है। यह उनका वांगमय रूप है। लोग घर में महाभारत ग्रंथ को गलत मानते हैं, मानना है कि घर में महाभारत ग्रंथ होने से लड़ाई होती है। सच तो यह है कि जैसे प्रभु ने पांडवों का साथ देकर महाभारत जिता दिया, वैसे ही प्रभु का साथ हो तो हर महाभारत जीता जा सकता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम स्कंध की चर्चा करते हुए कहा कि जब भगवान वेदव्यास को तमाम ग्रंथ लिखने के बाद भी परम शांति की अनुभूति नहीं हुई तो उन्होंने नारद जी से इसका कारण पूछा। नारद जी ने भगवान की भक्ति की गाथा को कलमबद्ध करने को कहा। इस पर ही श्रीवेद व्यास जी ने श्रीमद् भागवत की रचना की। प्रसार के लिए उन्होंने अपने पुत्र शुकदेव महाराज को आश्रम पर बुलाकर याद कराया। यही कथा शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षित को सुनाई। सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व मंत्री प्रदीप यादव, पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य, सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव, ब्लाक प्रमुख रामवीर यादव, आशीष गर्ग, रविप्रकाश अग्रवाल, मनमोहन सतवाल, रामनरेश शर्मा, सरिता वार्ष्णेय, अंशु शर्मा, रीतू अग्रवाल, साधन शर्मा, मनोज यादव, मुकेश शर्मा, राजेश वार्ष्णेय, उमेश वार्ष्णेय, कल्लू मिश्र, मुकेश शर्मा, सुरेशचंद्र, पवन गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, प्रदीप शर्मा मौजूद थे।

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