DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  बदायूं  ›  कोरोना का प्रभाव बरसात से पहले कैसे बनेंगे रपटा पुल

बदायूं कोरोना का प्रभाव बरसात से पहले कैसे बनेंगे रपटा पुल

हिन्दुस्तान टीम,बदायूंPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:41 AM

कोरोना का प्रभाव बरसात से पहले कैसे बनेंगे रपटा पुल

कोरोना काल के चलते करोड़ों के निर्माण कार्य प्रभावित हो गये। बरसात के मौसम से पहले जो काम पूरा कराने थे, उन्हें अफसर चहाते हुये भी नहीं करा पाये। अब कोरोना कफ्र्यू हटने पर पैंडिग पड़े कार्य पूरे कराये जायेंगे। अफसरों ने निर्णाय कार्य शुरू कराने की तैयारी कर ली है।

दातागंज, शेखूपुर एवं बिसौली क्षेत्र में छह रपटा एवं सेतु बनने के लिये अधूरे पड़े हैं। जिनमें बिसौली के शेखुपरा पर बनने वाला रपटा पुल भी शामिल है। शेखूपुर के अमारगंज से धरौरा मार्ग पर बनने वाला भी लघु सेतु का काम कोरोना की वजह से पूरी नहीं हो पाया। दातागंज के गढ़िया रंगीन लालपुर खादर मार्ग से कटकौरा मार्ग पर ध्वस्त पुलिया के स्थान पर लघु सेतु एवं पहुंच मार्ग के अलावा लालपुर खादर मौजमपुर मार्ग पर भी लघु सेतु बनने के लिये बाकी है। ये सभी काम पीडब्ल्यूडी अफसर बरसात के मौसम से पहले कराने के प्रयास में थे, लेकिन पंचायत चुनाव और फिर बाद में कोरोना काल की वजह से काम बंद हो गये।

ऐसे में इन निर्माण कार्यो के लिये पूरा होने में अब वक्त लगेगा। फिलहाल अफसर अब कफ्र्यू हटने के बाद निर्माण कार्य पूरा कराने की तैयारी में जुट गये हैं। रपटा एवं लघु सेतु से जुड़े गांवों के लोगों का कहना है कि हमें उम्मीद थी कि बरसात की सीजन से पहले काम पूरे हो जायेंगे और वर्षो से चली आ रही समस्या से निजात मिलेगी, लेकिन कोरोना काल की वजह से ऐसा नहीं हुआ।

पांच करोड़ से बनने हैं पुल एवं रपटा

जिले में अलग-अलग स्थानों पर छह रपटा एवं लघु सेतु पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने हैं। रपटा 50 से 60 मीटर लंबाई के हैं। लघु सेतु 70 मीटर लंबाई वाले हैं।

तेजी से करायेंगे काम

पंचायत चुनाव एवं कोरोना काल की वजह से भले ही निर्माण कार्य प्रभावित हो गये हों, लेकिन अब पीडब्ल्यूडी अफसरों का कहना है कि तेजी से निर्माण कार्य करायेंगे। कोशिश रहेगी कि अधूरे निर्माण कार्य जल्द पूरा करा लिये जायें

संबंधित खबरें