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बदायूं

खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर नीचे पहुंची गंगा

हिन्दुस्तान टीम,बदायूंPublished By: Newswrap
Fri, 25 Jun 2021 03:41 AM
चार दिन के उफान के बाद गंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। खतरे के निशान से नदी 39 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की चपेट में आये 36 गांवों के आसपास...
1 / 2चार दिन के उफान के बाद गंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। खतरे के निशान से नदी 39 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की चपेट में आये 36 गांवों के आसपास...
चार दिन के उफान के बाद गंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। खतरे के निशान से नदी 39 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की चपेट में आये 36 गांवों के आसपास...
2 / 2चार दिन के उफान के बाद गंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। खतरे के निशान से नदी 39 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की चपेट में आये 36 गांवों के आसपास...

बदायूं। संवाददाता

चार दिन के उफान के बाद गंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। खतरे के निशान से नदी 39 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की चपेट में आये 36 गांवों के आसपास भरा पानी भी कम होने लगा है। घटते जलस्तर की वजह से नदी किनारे बसे गांवों के लिये कटान का भय सताने लगा है। कटान में सबसे ज्यादा उसहैत का गांव अहमद नगर बछौरा एवं असमया रफतपुर प्रभावित होता है।

गंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ का प्रकोप कम होने से जनपद के 36 गांवों के लोगों के साथ ही तहसील प्रशासन एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। बीते चार दिनों से लगातार गंगा नदी खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। गुरुवार की दोपहर के बाद से नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया। सुबह में आठ बजे की बाढ़ खंड की रिपोर्ट के अनुसार नदी का जलस्तर 40 सेंटीमीटर कम हो गया था, लेकिन खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर अधिक था।

शाम को छह बजे की रिपोर्ट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 39 सेंटीमटर कम हो गया। इसके साथ ही सहसवान क्षेत्र के गांव भमरौलिया, परशुराम नगला, खागी नगला, वीर सहाय नगला में पानी कम होना शुरू हो गया। उसहैत इलाके के नदी पार के गांव ठकुरी नगला, जटा, प्रेमीनगला, जसवंत नगला, दल नगला, रैपुरा, कदम नगला, कमलईयापुर नदी इस पार के गांव भकरी बेहटी, कमलू नगला, अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर, कोनिका नगला, चेतराम नगला, बछेली ताराचंद्र, हिम्मत नगर बझेड़ा, पटे नगला के आसपास भरा पानी भी कम हुआ है। एक्सईएन बाढ़ खंड उमेश चंद्र ने बताया कि गंगा के जलस्तर में कमी आने लगी है। नरौरा, हरिद्वार, बिजनौर से पानी अब कम छोड़ा जा रहा है।

बाढ़ खंड के एसई ने देखे हालत, कटान को लेकर अलर्ट

उसहैत। चार दिन से नदी उफान की खबर पर गुरुवार के लिये बाढ़ खंड के एसई हिमांशु कुमार बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचे। एसई ने उसहैत क्षेत्र के भुंडी एवं कटरासादतगंज बांध का निरीक्षण किया। इसके साथ ही ग्रामीणों से भी बातचीत की।

एसई ने बाढ़ खंड द्वारा कटान रोकने के लिये कराये गये सुरक्षात्मक कार्यो का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही बाढ़ खंड के अफसरों से कहा कि गंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। घटते जलस्तर के दौरान कटान की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में बांध एवं नदी किनारे बसे गांवों की विशेष निगरानी बनाकर रखी जाये। निरीक्षण के दौरान बाढ़ खंड एक्सईएन उमेश चंद्र, एई जयंती प्रसाद सुमन, जेई राधेश्याम मौजूद थे।

डीएम ने सहसवान में देखे बाढ़ के हालात

सहसवान। डीएम दीपा रंजन ने एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह, सहसवान एसडीएम ज्योति शर्मा के साथ बाढ़ से प्रभावित गांव धापड़, परशुराम नगला, खागी नगला और भरौलिया का नाव एवं बैलगाड़ी से जाकर निरीक्षण किया। डीएम ने बाढ़ पीड़ितों से उनकी समस्याओं के बारे में जाना एवं संबंधित अधिकारियों को तत्काल निदान के निर्देश दिये।

डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को जरुरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाये। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय रहकर कार्य करें। सभी प्रकार की आवश्यक दवाओं एवं उपकरण की उपलब्धता रहे। डीएम ने ग्रामीणों को समझाया कि बाढ़ से बचने के लिये शरणालय में रहें। प्रशासन की ओर से सभी प्रकार की आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था उपलब्ध है। डीएम ने जीएम बांध पर जाकर कटान की स्थिति को भी देखा। बाढ़ खंड अफसरों को निर्देश दिये कि कटान व बचाव कार्य चलता रहे एवं सभी टीमें मुश्तैद रहें।

जब बैलागड़ी पर सवार हुईं डीएम

बदायूं। डीएम दीपा रंजन पहले तो खागी नगला, परशुराम नगला के लिये नाव पर सवार होकर निकली, कम पानी होने की वजह से कुछ आगे चलकर नाव रुक गयी, लेकिन डीएम को बाढ़ पीड़ितों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनना था। ऐसे में डीएम के लिये आनन फानन में बैलगाड़ी की व्यवस्था की गई।

डीएम दीपा रंजन, एडीएम वित्त व एसडीएम बैलगाड़ी पर सवार हुई तो हर कोई उनकी ओर देख रहा था। डीएम ने इस तरह से बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचने के लिये अपनी ड्यूटी एवं कर्तव्य बताया। गांवों में जब डीएम बैलगाड़ी से पहुंची तो महिलायें, बूढ़े से लेकर बच्चे उनके पास पहुंच गये। डीएम ने सबकी समस्याओं को सुना और निदान के लिये निर्देशित किया। डीएम ने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि प्रशासन द्वारा बाढ़ चौकी राहत शिविर सिठोलिया पुख्ता खाम के प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में रहने सहित खाने आदि का प्रबंध कराया है वहीं पर जाकर आप लोग रहे। जिससे आपके परिवार एवं बच्चे सुरक्षित रह सके।

गुरुवार को डिस्चार्ज पानी-------

नरौरा-60,930 क्यूसेक

बिजनौर 34,062 क्यूसेक

हरिद्वार-36,179 क्यूसेक

161.61 मीटर गेज कछला

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