Hindi NewsUttar-pradesh NewsBadaun NewsFour Brothers Sentenced to 10 Years in Non-Intentional Murder Case
गैर इरादतन हत्या में चार भाइयों को 10-10 साल की सजा

गैर इरादतन हत्या में चार भाइयों को 10-10 साल की सजा

संक्षेप:

Badaun News - अपर जिला जज नीरज कुमार गर्ग ने 10 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में चार भाइयों को 10-10 साल की सजा सुनाई। मामला 2015 में शुरू हुआ जब आरोपियों ने विपिन के पिता रामदास को गोली मारी, जिससे उनकी...

Sep 17, 2025 03:42 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बदायूं
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अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नीरज कुमार गर्ग ने 10 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में चार भाइयों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक आरोपी पर 16 हजार व तीन अन्य आरोपियों पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का हुक्म दिया। विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह के अनुसार, दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव बिहारीपुर निवासी विपिन ने सात जून 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमें में कहा गया कि सात जून 2015 को दोपहर में उसके पिता रामदास गांव में अपनी बैठक पर बैठे थे।

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उसी समय गांव के किशोरी लाल और ओमप्रकाश बैठक पर आए और उसके पिता से शिकायत करने लगे कि तुम्हारे लड़के विपिन कुमार, कुलदीप कुमार और अरविंद उसकी बेटी का रास्ता रोकते हैं। इस बात में कोई सत्यता नहीं थी। इस बात को लेकर गांव के भूपेंद्र, नन्हे, टीकाराम तथा कप्तान अपने हाथों में बंदूक, फरसा व लाठी लेकर आ गए और भूपेंद्र ने उसके पिता रामदास के पेट में बंदूक से गोली मार दी। नन्हे ने भाई कुलदीप के हाथ में फरसा मारा। टीकाराम ने भाई अरविंद के गले पर फरसा मारा और कप्तान ने मेरी बहन की पीठ में लाठी मार दी। गोली लगने से पिता मौके पर ही गिर गए। बाबा दुर्गपाल, दादी सुशीला तथा भूदेव ने आरोपियों को ललकारा। इसी बीच मौका पाकर आरोपी गालियां देते हुए भाग गए। परिजन घायलावस्था में पिता रामदास को इलाज के लिए बरेली ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने नन्हे व टीकाराम पुत्र ओम प्रकाश , कप्तान व भूपेंद्र पुत्र श्याम पाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या करने के आरोप का मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दिया। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। साथ एक आरोपी पर 16 हजार व बाकी तीन अन्य आरोपियों पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का हुक्म दिया।