Badaun News: गांवों में घुसा गंगा और रामगंगा का पानी, हाहाकार
Badaun News: गांवों में घुसा गंगा और रामगंगा का पानी, हाहाकार गांवों में घुसा गंगा और रामगंगा का पानी, हाहाकार गांवों में घुसा गंगा और रामगंगा का पानी, हाहाकार

Badaun News: गंगा एवं रामगंगा नदी में जलवृद्धि के बाद बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में हाहाकार मचा हुआ है। गंगा नदी में जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर चल रहा है। उसहैत क्षेत्र के कदम नगला में पांच घर कटान की भेंट चढ़ गये हैं। यहां शेष बचे घरों को लोगों ने स्वयं ही तोड़कर ईंट निकालना शुरू कर दिया है। ग्रामीण सुरक्षित स्थान के लिये पलायन कर रहे हैं। पहाड़ों एवं मैदानी क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते डैम फुल हो रहे हैं, ऐसे में सहायक नदियों में बढ़ाकर पानी छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा से गंगा नदी में डिस्चार्ज बढ़ने के बाद उफान आ गया है। इससे जिले की तीन तहसील सदर, दातागंज, सहसवान के 36 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। इससे ग्रामीण परेशान हैं। जलवृद्धि के चलते उसहैत क्षेत्र में भुंडी पर कटान तेजी से शुरू हो गया है, जिससे उसहैत बांध को खतरा बढ़ गया है। पथरामई पर गंगा बांध से सटकर बह रही है। इससे भी बांध को खतरा है। बाढ़ के अधिकारियों की ओर से अब तक सभी बांध सुरक्षित होने का दावा किया जा रहा है। उसहैत इलाके में गंगा नदी पार कदम नगला पर भी कटान तेज गति से जारी है। यहां पांच घर गंगा में समा गये हैं। कटान से घबराये यहां के ग्रामीणों ने अपने पक्के मकान खुद तोड़ना शुरू कर दिया है। डूब क्षेत्र होने के चलते कटान रोकने को बाढ़ खंड ने हाथ खड़े कर लिये हैं, लेकिन अगर कहीं बांध को खतरा बढ़ता है तो कटान रोकने की तैयारी पूरी है.
स्टीमर से निकाले जा रहे लोग
उसहैत क्षेत्र के कदम नगला एवं बाढ़ से प्रभावित अन्य गांवों के लोग प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर बसाने की मिन्नतें कर रहे हैं। तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ठहरने की व्यवस्था की गयी है। बाढ़ में फंसे लोगों को स्टीमर एवं नावों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
कटान रोकथाम कार्य शुरू न होने से नाराजगी
एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र कुमार श्रीवास्तव बीते दिन भुंडी बाढ़ चौकी के निरीक्षण के दौरान बाढ़ खंड को तत्काल कारगर कदम उठाने के निर्देश दे चुके हैं। बाढ़ खंड़ की ओर से अगर बांध की ओर कटान बढ़ता है तो रोकथाम का कार्य कराया जायेगा। अभी कटान बांध से दूर होना बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि भुंडी पर कटान रोकथाम को कार्य नहीं कराया तो स्थिति भयावह हो सकती है। काम शुरू न कराने के चलते लोगों में नाराजगी है। कदम नगला पर भी कटान रोकने को काम नहीं कराया जा रहा है।
सुरक्षित स्थान पर बसाएंगे प्रभावित परिवार
एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने कहा कि भुंडी के सामने कटान जारी है। बाढ़ खंड को तत्काल कारगर उपाय करने को कहा गया है। कदम नगला के पहले कटे तीन घरों की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत की जा चुकी है। पीड़ित परिवारों की सूची तैयार करने को कहा गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने को सूची तैयार की जा रही है।
पुलिया के ऊपर पानी, रास्ता बंद
जटा जाने वाली पुलिया पर पानी दो-दो फीट ऊपर बह रहा है, जिससे आवागमन बंद है। ठकुरी नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, रैपुरा, कदम नगला के ग्रामीणों को बाढ़ की विभीषिका को लेकर सतर्क कर दिया गया है। गंगा इस पार के अहमदनगर बछौरा, भखरी, बेहटी और असमयारफतपुर के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिससे ग्रामीण पशुओं को चारा नहीं ला पा रहे हैं। पशुओं को चारे की ज्यादा दिक्कत है। भूसा भीगकर खराब हो चुका है.
रामगंगा में बाढ़ हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग बंद
रामगंगा में जलवृद्धि के बाद सड़क के ऊपर पानी
ग्रामीण जान जोखि में डालकर पार करते हैं बाढ़
रामगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग पर पहुंच गया है। इससे इधर से रास्ता बंद हो गया है, फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर बाढ़ का पानी पार कर रहे हैं। थाना हजतपुर प्रभारी ने लोगों की निगरानी एवं सुरक्षा के लिये पुलिस को तैनात कर दिया है.
रामगंगा में हुयी जलवृद्धि से नदी किनारे बसे हजरतपुर, हर्रामपुर, मौजमपुर, गढ़िया पैगंबरपुर, नवादा बदन, शेरपुर पट्टीबिजा, नगरिया हरिदासपुर आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें हजरतपुर को छोड़कर बाकी गांवों तक पानी पहुंच गया है। हजरतपुर पुल से आगे चारों ओर बाढ़ का पानी ही दिखाई दे रहा है। बाढ़ के चलते इन गांवों के लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने घरों की छतों एवं अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखी है। ग्रामीण दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्री लेने के लिये नाव एवं ट्यूब का सहारा लेकर बाढ़ पार कर रहे हैं। तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाके में छह नाव संग गोताखोर लगा दिये हैं.
जलवृद्धि नहीं थमी तो तहसील से टूट जायेगा संपर्क
दातागंज, संवाददाता।
बेलाडाडी, देवरनिया, सेरहा समेत आधा दर्जन गांवों की कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूब गई है। इससे धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है, अगर इसी प्रकार पानी बढ़ता रहा तो नदी किनारे बसे गांवों का तहसील से संपर्क टूट जायेगा।
तहसील प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मचारी तैनात कर दिये हैं, जो पल-पल की रिपोर्ट एसडीएम को दे रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बाढ़ नियंत्रण में है, पानी अब घटना शुरू हो जायेगा। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, प्रशासन पूरी तरह से साथ है। किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी।
शनिवार को इतना छोड़ा गया पानी
नरौरा-1,34,584 क्यूसेक
बिजनौर-99,406 क्यूसेक
हरिद्वार-92,870 क्यूसेक
वर्तमान गेज-162.56 मीटर
समान्य गेज-162.40 मीटर


