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बदायूं

फैला बुखार, डाक्टर हैं नहीं, ओपीडी में मरीजों की लाइनें

हिन्दुस्तान टीम,बदायूंPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 03:50 AM
फैला बुखार, डाक्टर हैं नहीं, ओपीडी में मरीजों की लाइनें

जिले में शहर से गांव तक वायरल बुखार ने लोगों को जकड़ लिया है। मंगलवार को शहर से देहात तक सरकारी अस्पताल में पड़ताल की तो हकीकत खुलकर सामने आ गयी। पिछले 15 दिनों में ओपीडी दोगुनी हो गयी है लेकिन सरकारी संसाधनों में सुधार की जगह घटते चले गये हैं। मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार जिले की ओपीडी 5000 के पार हो गयी। जिसमें 40 फीसदी मरीज बुखार पीड़ित थे।

बदायूं राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी 1500, जिला महिला अस्पताल की ओपीडी 650, जिला पुरुष अस्पताल की ओपीडी 750 रही है। वहीं सीएमओ के अधीन जिले की 17 सीएचसी, पीएचसी व 43 न्यू पीएचसी की ओपीडी 2120 रही है। यहां मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें को बीच उपचार व्यवस्था छोटी पड़ गयी। ऐसे हालातों के बीच देहात ही नहीं जिला पुरुष और महिला अस्पताल में भी डॉक्टर मरीजों को ढूंढ़े नहीं मिले हैं फिजीशियन मिले नहीं तो दूसरे डॉक्टरों से उपचार लिया है। देहात में अस्पताल खाली पड़े रहे और मरीज इंतजार करते रहे हैं कहीं दवायें नहीं थी तो कहीं स्टाफ कोरोना की ड्यूटी करता रहा है।

स्थान : जिला पुरुष अस्पताल की ओपीडी

बदायूं। जिला पुरुष अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को ज्यादा भीड़ रही है। ओपीडी में सुबह से मरीज उपचार लेने को तो पहुंच गये थे लेकिन डॉक्टर और स्टाफ दस बजे पहुंचा। जिसकी वजह से मरीजों की भीड़ कुछ ज्यादा हो गयी। यहां दिन भर में 750 मरीजों ने उपचार के लिये पंजीकरण कराया और जिसमें 400 मरीज वायरल बुखार, मलेरिया के शिकार पहुंचे हैं। जिनको उपचार के लिये घंटों इंतजार करना पड़ा है और उसके बाद भी फिजीशियन नहीं मिले तो दूसरे डॉक्टरों से उपचार मिला है। दवायें भी आधी अधूरी मिली हैं। लाइन ओपीडी में डाक्टर के कक्ष से बाहर तक रही।

एक डॉक्टर के हवाले पूरी ओपीडी

स्थान : जिला महिला अस्पताल

जिला महिला अस्पताल में मंगलवार को महिला मरीजों की भीड़ मिली है। यहां दिन भर में 650 मरीजों ने उपचार के लिये पंजीकरण कराया। जिसकी वजह से मरीजों की लंबी-लंबी लाइन लगी रही है। यहां सुबह आठ बजे से दो बजे तक उपचार को मारामारी की स्थिति रही है। यहां की ओपीडी में सिर्फ एक ही डॉक्टर बैठीं थीं, जिनके हवाले पूरी ओपीडी रही है। ऐसे में मरीजों का उपचार नाम का हुआ है यहां महिलाओं के साथ-साथ बच्चों की भी भीड़ रही है।

मेडिकल कालेज में उपचार 1500 के पार

स्थान : राजकीय मेडिकल कालेज

बदायूं। राजकीय मेडिकल कालेजों में भी बुखार का ग्राफ बढ़ गया है। मरीजों की उपचार के लिये लंबी-लंबी लाइन मंगलवार को देखी गई है। यहां सुबह से दोपहर तक दवा स्टोर के बाहर लंबी-लंबी लाइनें देखी गई हैं। प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि बुखार के ही नहीं सभी प्रकार के मरीज बढ़ गये हैं। उन्होंने बताया कि 15 दिन पहले ओपीडी में मरीजों की संख्या 700 से 800 थी, आज मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़कर 1500 के पार हो गई है। उन्होंने बताया कि 40 फीसदी बुखार के मरीज आ रहे हैं वहीं 10 फीसदी बच्चे बीमार हो रहे हैं तो वहीं छह से सात फीसदी ईएनटी के मरीज हैं। इसके अलावा चर्मरोग और अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज आ रहे हैं। बुखार के मरीजों को उपचार की व्यवस्था कर रखी है और भर्ती करने की भी व्यवस्था की गई है।

बिना दवाओं के उपचार को लाइन

स्थान : उसावां की नवीन सीएचसी

उसावां। नवीन सीएचसी पर ओपीडी में मंगलवार को बुखार के मरीजों की लंबी-लंबी लाइन लगी रही है। नवीन सीएचसी पर 162 मरीजों का पंजीकरण हुआ जिसमें 78 मरीज वायरल फीवर से ग्रसित थे। वहीं वायरल फीवर की दबाएं ओपीडी में पर्याप्त नहीं थी ओपीडी में तैनात डॉक्टर बाहर मेडिकल से दवा लेने के लिए मरीजों से कह रहे थे। इससे मरीजों की जेब डॉक्टरों ने ढीली करा डाली है तब कहीं जाकर उपचार मिला है। सरकारी औषधियों का टोंटा चल रहा है।

बुखार फैला, सरकारी-प्राइवेट अस्पताल फुल

स्थान : उझानी सीएचसी

उझानी। बरसाती मौसम में एकाएक बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुखार के मरीजों की संख्या 100 से कर 300 को पार गई है। अस्पताल में महिला डाक्टर सहित सिर्फ तीन डाक्टर ही ओपीडी कर रहे हैं। वहीं दवा के नाम पीसीएम व दर्द के लिए ब्रूफेन की गोलियां हैं। इसलिए अधिकांश बुखार के मरीज निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। उझानी सीएचसी पर 27 अगस्त को 256 बुखार के नए मरीज आए थे। वहीं 28 अगस्त को यह संख्या बड़कर 323 हो गई। 29 व 30 अगस्त की छुट्टी के बाद अस्पताल में 257 मरीज बुखार की दवा लेने पहुंचे। सीएचसी प्रभारी डॉ. सनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि उतार चड़ाव के मौसम में वायरल बुखार को प्रकोप बड़ा है। अस्पताल आने वाले मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मलेरिया व डेंगू बुखार के लिए स्वास्थ विभाग की टीम को सर्तक कर दिया गया है।

स्टाफ टीकाकरण में, बुखार के मरीज भटके

स्थान : उझौती पीएचसी

उघैती। तमाम प्रयासों के बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल हैं। अस्पताल पर तैनात डॉक्टर से लेकर फार्मासिस्ट तक की ड्यूटी कोविड के वैक्सीनेशन में लगने की वजह से मरीजों के उपाचर पर संकट है। करीब 15 दिनों से इलाके में वायरल का प्रकोप चरम पर है। प्रत्येक घर में वायरल से पीड़ित मरीज हैं। मंगलवार को उघैती के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर देखा तो व्यवस्थाओं की पोल खुलकर सामने आ गई। अस्पताल पर नियमित दवाइयां देने वाले फार्मेसिस्ट गौरव गुप्ता गांव रियोनाई में वैक्सीनेशन कर रहे थे। डॉक्टर आकिल की ड्यूटी सुपर विजन में बताई गई। डॉक्टर का केबिन एवं औषधि वितरण कक्ष बंद था। कस्बे के लोगों के मुताबिक अस्पताल पर नियमित ओपीडी मुश्किल से ही खुलती है। इसके अलावा दवाइयों का भी टोटा है। अस्पताल पर आने वाले सभी मरीज आज भी परेशान थे। जिनमें से कुछ मरीज होम्योपैथिक चिकित्सक तरुण प्रताप से दवाइयां लेकर चले गए। होम्योपैथिक अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर आकांक्षा सिंह भी बाहर बताई गई।

दवा की किल्लत, फिर भी दावा सब है ठीक-ठाक

31 बीडीएन 20--बिल्सी सीएचसी पर बुखार पीड़ित लड़की की खून की जांच करती महिला स्वास्थ्य कर्मी।

स्थान : बिल्सी सीएचसी

बिल्सी l इलाका वायरल की चपेट में है। सीएचसी पर कोई सुविधा नहीं है l यहां मरीजों की लंबी लाइन रहीं। मरीजों का आरोप था कि उन्हें ठीक से देखा भी नहीं जा रहा l अधिकांश मरीज निजी चिकित्सकों के यहां अपना उपचार करा रहे हैं, लेकिन जो मरीज स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं उन्हें वही लाल पीली गोलियां देकर घर भेज दिया जा रहा है l सीएचसी में दो डॉक्टर अपने केबिन में मरीजों को देख रहे थे l लाइन में लगे ज्यादातर मरीज बुखार से तप रहे थे l अस्पताल परिसर में खड़े दिनेश कुमार के परिजनों ने बताया कि उन्हें कई दिन से वायरल फीवर है, लेकिन अस्पताल की दवा कोई काम नहीं कर रही l नगर निवासी छाया, रितिका और अबीर तथा गांव गिरधरपुर निवासी मुन्नी देवी दवा के लिए लाइन में लगे हुई थी l यह सब भी वायरल से पीड़ित थे l ओपीडी में 120 नए मरीजों के पर्चे बने थे l डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश मरीज बुखार से ग्रस्त थे l अस्पताल में दवा की किल्लत है, डॉक्टरों का दावा पर्याप्त दवा दी जा रही है l

मौसम परिवर्तन की वजह से बुखार के मरीज बढ़े हैं। एक सप्ताह पहले ओपीडी कम थी। कोई गंभीर बुखार के मरीज नहीं हैं। उपचार कराया जा रहा है, ठीक हो जायेंगे। देहात के अस्पताल में दवायें भरपूर हैं, अगर कहीं दिक्कत है तो तत्काल दिखवाते हैं। उपचार व्यवस्था बिगड़ने नहीं देंगे।

डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ

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