भूमि अधिग्रहण के विरोध में कांग्रेस ने किसानों को दिया समर्थन
गंगा एक्सप्रेस वे के डहरपुर इंटरचेंज पर किसानों और कांग्रेसियों ने कृषि भूमि बचाने के लिए यात्रा निकाली। यात्रा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किसानों के समर्थन में कहा कि जबरिया भूमि अधिग्रहण नहीं होने देंगे। भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार सामाजिक प्रभाव का आकलन जरूरी है, लेकिन यूपीडा ने बिना आकलन के सर्वे शुरू किया।

गंगा एक्सप्रेस वे के डहरपुर इंटरचेंज पर औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध किया गया। कांग्रेसियों के साथ किसानों ने कृषि भूमि बचाओ यात्रा निकाली। यात्रा छछऊ से शुरू हुई और कैलिहाई, डोलापुर व डहरपुर कलां होते हुए बिहारीपुर गांव में समाप्त हुई। कृषि भूमि बचाओ यात्रा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव कांग्रेसियों के साथ शामिल हुए और किसानों को समर्थन दिया। यात्रा के दौरान नुक्कड़ सभाओं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि चार फ़सली कृषि भूमि का अधिग्रहण होने से किसान बर्बाद हो जायेंगे। किसान अपनी जमीनें नहीं देना चाहते हैं। आरोप लगाया कि जबरिया भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कहा कि हजारों बीघा बंजर परती जमीनें खाली पड़ी हैं ,सरकार को अगर उद्योग लगाने हैं तो वहां लगाए जाएं। भूमि अधिग्रहण कानून में भूमि अधिग्रहण से पहले सामाजिक प्रभाव का आकलन कराने का प्रावधान है। लेकिन यूपीडा ने बिना सामाजिक प्रभाव का आंकलन किए ही जमीनों का सर्वे शुरू करा दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की जमीनों का जबरन अधिग्रहण नहीं होने देगी। कांग्रेस किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। भूमि अधिग्रहण रोकने को गठित भूमि बचाओ संघर्ष समिति द्वारा एक जून को डहरपुर इंटरचेंज के पास धरना दिया जायेगा।यात्रा में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कश्यप, जिला महासचिव सत्यम यादव, एडवोकेट वेद प्रकाश, ओमवीर,विजय बहादुर, सुरेंद्र सिंह,श्रीश शर्मा, डब्लू गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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